पंजाब में इनदिनों आगामी लोक सभा चुनाव के दौरान नकली करेंसी को तैयार करने वाला एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। इस संबंध में पुलिस ने गिरोह की पहचान करने के बाद कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया है। गिरोह के मुख्य सरगना के खिलाफ हिमाचल प्रदेश में नकली करेंसी का मामला भी दर्ज है।
वीरवार को पुलिस ने नकली करेंसी छापने वाली मशीन को बरामद करने के लिए लुधियाना और कई अन्य स्थानों पर छापेमारी की। डीएसपी निहाल सिंह वाला जसविंदर सिंह घारू ने इस मामला की पुष्टि की।
इस संबंध में जिला पुलिस प्रमुख कमलजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और मशीन को बरामद करने की कोशिश की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार मोगा पुलिस की ओर से निहाल सिंह वाला के एक पशु खुराक फैक्टरी के मालिक के अलावा पांच लोगों से कई दिनों से पूछताछ की जा रही है। इन कथित आरोपियों ने पूछताछ में माना कि फगवाड़ा निकट के गांव कोटली खखीया का बोबी नामक व्यक्ति नकली करेंसी छापने के लिए मशीन दिल्ली से लाया था।
पहले यह मशीन कई दिन जिला बरनाला के गांव चनणवाल में एक कारोबारी के घर रख कर नकली भारतीय करेंसी छापी गई और करेंसी ठीक न छपने पर यह जला दी गई थी। इस के बाद कस्बा भदौड़ जिला बरनाला के एक व्यक्ति ने यह मशीन मोगा जिला के गांव मल्लेआना में एक व्यक्ति के घर में रखवा दी थी। पुलिस ने इस घर में छापा मारा, तो एक कमरों का फर्श उखाड़ा था और घर के प्रमुख ने कहा कि वह इस बात से अनजान था और उसके दबाव के बाद कथित आरोपी यह मशीन 15 दिन पहले यहां से किसी और स्थान पर ले गए थे। पुलिस ने बाद में एक सीट कवर मेकर को हिरासत में ले कर पूछताछ की। उसके पास से मशीन के बारे सूचना हासिल की। इस के बाद पुलिस ने गिरोह के सरगनों को काबू करने के लिए उसके गांव कोटली खखीयों में छापा मारा, तो घर को ताला लगा हुआ था। पुलिस यह मशीन बरामद करने के बाद नकली करेंसी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करने की तैयारी में जुटी है। गौरतलब है कि बाघापुराना पुलिस ने फरवरी 2002 की विधान सभा चुनाव के दौरान दस लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी बरामद की थीं।