ईजीएस, एआईई और एसटीआर यूनियन ने रविवार को बठिंडा में प्रदेशस्तरीय धरने का आयोजन किया। अध्यापकों के इस धरने को असफल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
वहीं धरने में शामिल होेने जा रही बाहर से आईं अध्यापिकाएं पुलिस से भिड़ गईं। इस दौरान पुलिस ने 150 महिला- पुरुष अध्यापकों को हिरासत में ले लिया।
वहीं टीचर्स होम में पुलिस की ओर से नजरबंद किए अध्यापकों ने दोपहर बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व शिक्षा सचिव के साथ बैठक के बाद धरना समाप्त कर दिया।
गिरफ्तार किए गए अध्यापकों को शाम चार बजे रिहा कर दिया गया। इस बात की पुष्टि डीएसपी गुरजीत रोमाणा ने की।
फरवरी 2014 में पंजाब सरकार ने राज्य भर में 6800 के करीब ईजीएस, एआईई व एसटीआर वालंटियरों को सरकारी स्कूलों में 5000 रुपये प्रति माह वेतन पर दो साल के लिए नौकरी पर रखा था।
पिछले दिनों शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव अंजलि भावरा ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को नोटिफिकेशन जारी किए कि उक्त भर्ती किए गए वालंटियर सरकारी स्कूलों में सुबह आठ बजे से पहले और दोपहर दो बजे के बाद छुट्टी होने पर सेंटर चलाएंगे।
इस नोटिफिकेशन के जारी होने पर प्रदेश भर के ईजीएस, एआईई व एसटीआर वालंटियरों में रोष की लहर दौड़ गई। सभी ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मांग पूरी होने तक संघर्ष शुरू कर दिया है।