पंजाब के लुधियाना में शिवसेना नेता संदीप थापर गोरा पर हुए हमले के बाद पंजाब के हिंदू संगठनों में भारी रोष है। इस हमले के तीसरे आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं अब हिंदू संगठनों ने अपनी रक्षा के लिए शस्त्र साथ रखने का फैसला लिया है।
लुधियाना में शिवसेना नेता संदीप थापर गोरा पर हमले के बाद पंजाब भर के हिंदू संगठनों में रोष व्यापक है। वीरवार को लुधियाना में पंजाब के हिंदू संगठनों ने संत समाज की अगुवाई में एक बैठक की। संत समाज को सभी हिंदू संगठनों ने जानकारी दी कि कहां कहां कब हिंदू नेताओं पर हमले हुए हैं। इसके बाद फैसला लिया गया कि अब हिंदू संगठन के नेता अपनी रक्षा के लिए अपने साथ शस्त्र रखेंगे। चेतावनी दी कि अब पंजाब के हर शहर में जागो निकाली जाएगी। अगले सप्ताह अमृतसर साहिब में जागो के तहत पहली मीटिंग का आयोजन किया गया है। इस दौरान पंजाब की चौबीस जत्थेबंदियां वहां शामिल हुई।
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शिवसेना पंजाब के प्रधान राजीव टंडन ने कहा कि आज सभी हिंदू जत्थेबंदियां इकट्ठा हुई। बैठक में फैसला किया गया है कि संदीप गोरा थापर के मामले में एनआईए या सीबीआई से जांच करवाई जाए। पंजाब में हिंदुओं को जगाने के लिए हर शहर में जागो (जागरुकता यात्रा) हर शहर में निकाली जाएगी। पहली जागो अमृतसर से निकाली जाएगी। टंडन ने कहा कि तीसरे आरोपी निहंग को पुलिस ने अभी तक नहीं पकड़ा है। पुलिस से अनुरोध है कि जल्द हमलावर को दबोचे। हिंदू नेताओं की मांग है कि मामले में संदीप गोरा थापर को मुख्य शिकायतकर्ता बनाया जाए।
त्रिशुल को सरकार दे मान्यता
हिंदु नेता रोहित साहनी ने कहा कि आज पंचायत में फैसला किया गया है कि हिंदू धर्म का प्रतीक त्रिशुल है। वह सरकार से मांग करते हैं कि त्रिशुल को मान्यता दी जाए। हिंदू त्रिशुल अपने पास रख कर अपनी रक्षा खुद करेंगे। हिंदू नेता भानू प्रताप और ऋषभ कन्नौजिया ने कहा कि जिला पुलिस से बीते दिन मीटिंग हुई थी। उसमें यह मांग की गई है कि हिंदू नेताओं को असलाह रखने का लाइसेंस दिया जाए। हिंदू अपनी रक्षा खुद कर सकते हैं। भानू ने कहा कि बात करें यदि बाकी धर्मों की तो सभी धर्मों के लोगों को सुरक्षा मुहैया करवाई जा रही है। यदि हिंदू अपनी रक्षा की बात करता है तो सरकार उस पर ध्यान नहीं देती। खालिस्तानी समर्थक सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म और हिंदू नेताओं को निशाना बना रहे हैं, पुलिस को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।