परिवार के अनुसार, कोटकपूरा निवासी शरणजीत पिछले कई महीनों से उसका पीछा कर रहा था, लगातार फोन करता था और बैंक तक पहुंच जाता था। शिकायत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था और मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इसके बावजूद वह नवनीत तक दोबारा पहुंच गया। परिजनों ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब साढ़े सात बजे नवनीत बैंक जाने के लिए बस स्टॉप पर खड़ी थी और अपने भाई से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। तभी उसने कहा, "शरण आ गया है।" इसके कुछ ही सेकंड बाद फोन कट गया। बाद में परिवार को उसकी हत्या की सूचना मिली।
परिवार का कहना है कि जब आरोपी के खिलाफ पहले से मामला दर्ज था और अदालत में सुनवाई चल रही थी, तब वह खुलेआम कैसे घूम रहा था और उसके पास हथियार कैसे पहुंचा। परिजनों ने कनाडा सरकार से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, आरोपी को कड़ी सजा तथा भारत सरकार से नवनीत का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने में सहायता की मांग की है। साथ ही परिवार ने अपनी सुरक्षा की भी मांग की है, क्योंकि उनका दावा है कि उन्हें भी पहले धमकियां मिल चुकी हैं।