अमृतसर। चंडीगढ़ स्थित महिला आयोग के दफ्तर में चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी के समक्ष पेश हुए पूर्व सिविल सर्जन डा. नवदीप सिंह ने कहा कि 17 नवंबर को उन्होंने सिविल अस्पताल में डिलीवरी तो की थी लेकिन वीडियो नहीं बनवाया था। अज्ञात शख्स ने वीडियो बनाई थी। डॉ. नवदीप के इस बयान पर चेयरपर्सन गुलाटी ने पहले उन्हें फटकारा फिर वीडियो निकालकर दिखाया। गुलाटी ने डॉ. नवदीप से कहा कि इस वीडियो में आपका ध्यान डिलीवरी की तरफ कम और कैमरे की तरफ ज्यादा है। वह आयोग को गुमराह करने की कोशिश न करें।
चेयरपर्सन की फटकार सुनने के बाद डॉ. नवदीप खामोश हो गए। गुलाटी ने डॉ. नवदीप को 25 नवंबर को दोबारा आयोग के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सचिव हुस्नलाल ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों पर आधारित स्टेट कमेटी का गठन किया है। कमेटी के सदस्य जल्द ही अमृतसर आकर सारी घटना की जानकारी लेंगे।
मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित पंजाब महिला आयोग के मुख्यालय में डॉ. नवदीप सिंह व स्वास्थ्य विभाग की डायरेक्टर डा. प्रभदीप कौर जौहल पहुंचीं। जौहल के पैर में फैक्चर था इसलिए वह पांचवीं मंजिल पर स्थित आयोग के कार्यालय तक जाने में असमर्थ थीं। ऐसे में मनीषा गुलाटी नीचे आईं और पार्किंग में खड़े होकर मामले की सुनवाई शुरू की। जौहल ने अपने बयान में कहा कि लेबर रूम में वीडियोग्राफी नहीं की जा सकती। डॉ. नवदीप ने ऐसा करके गलत किया है।
मैं गायनी डॉक्टरों नहीं जानता : डॉ. नवदीप सिंह
मनीषा गुलाटी ने डॉ. नवदीप सिंह से पूछा कि उस दिन आपके साथ जो गायनी डॉक्टर लेबर रूम में थीं वे क्यों नहीं आईं। उनके नाम बताइए। डॉ. नवदीप ने कहा कि वह गायनी डाक्टर को नहीं जानते। चेयरपर्सन ने इस पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई। बोलीं-आप जिले के सिविल सर्जन रह चुके हैं, गायनोकोलोजिस्ट भी हैं। आपको यह कैसे नहीं मालूम की उस दिन आपके साथ कौन सी गायनी डाक्टर थीं। उन्होंने 25 नवंबर को उन्हें साथ लेकर आयोग के समक्ष पेश होने के आदेश दिए हैं।