सचखंड श्री हरिमंदर साहिब को जाने वाले मुख्य विरासती मार्ग में पंजाब की सभ्यता की जानकारी देने के लिए स्थापित किए गए भंगड़ा व गिद्दे के बुतों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विरासती मार्ग में स्थित धर्म सिंह मार्केट के बाहर स्थापित किए गए इन बुतों को एक दिसंबर को तोड़ने के लिए एक निहंग सिंह ने जिला प्रशासन को चेतवानी दी है। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में इस निहंग सिंह ने इन बुतों के विरासती मार्ग में स्थापित किए जाने का विरोध किया है। इस निहंग सिंह ने संगत से एक दिसंबर को इन बुतों के नजदीक पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने इन बुतों को नहीं तोड़ा तो वह संगत के सहयोग से इनको तोड़ डालेंगे।
इस निहंग सिंह का कहना था की श्री दरबार साहिब में माथा टेकने के लिए आने वाली संगत इन बुतों के आगे खड़ी होकर सेल्फी लेकर मर्यादा का अपमान कर रही है। इस स्थान पर सिखों के महान योद्धाओं के बुत होने चाहिए, ताकि संगत उनके जीवन से प्रेरणा ले सके। इस निहंग सिंह के साथ खड़ी एक महिला ने भी इन बुतों पर टिप्पणी करते हुए संगत से आह्वान किया कि इनको तोड़ने के लिए वह एक दिसंबर को विरासती मार्ग पहुंचें। यह बुत गुरु घर के रास्ते को दूषित कर रहे हैं।
याद रहे की पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने विरासती मार्ग के निर्माण में 100 करोड़ की राशि खर्च की थी। मार्ग के एक तरफ पंजाब की सभ्यता के साथ जुड़े भंगड़ा व गिद्दे के बुत स्थापित किए गए थे, ताकि श्री हरमंदिर साहिब माथा टेकने के लिए आने वाली देश-विदेश की संगत पंजाब की इस विरासत के साथ जुड़ सके। बीते तीन वर्षों से यह स्थल सेल्फी प्वॉइंट बन चुका है। लोग यहां पर टिकटोक वीडियो भी बनाते हैं। इसी मार्ग पर शेरे-ए-पंजाब महाराजा रंजीत सिंह का बुत भी है।