भारत-अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते से भारतीय टेक्सटाइल और परिधान उद्योग को बड़ी राहत मिली है। उत्तर भारत टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन (निटमा) ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि अमेरिकी आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने से भारत को अपने सबसे बड़े निर्यात बाजार में फिर से मजबूत प्रतिस्पर्धी बढ़त हासिल होगी।
100 अरब डॉलर का लक्ष्य होगा साकार
अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में बेहतर पहुंच से भारत एक भरोसेमंद वैश्विक टेक्सटाइल हब के रूप में उभरेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि 100 अरब डॉलर का टेक्सटाइल निर्यात लक्ष्य अब हासिल किया जा सकता है। निटमा ने स्पष्ट किया कि वह नीति निर्माताओं और उद्योग के साथ मिलकर इस कूटनीतिक सफलता को स्थायी औद्योगिक समृद्धि में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।