सेहत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने आईएएस अधिकारी संदीप कुमार (एडीसी जनरल) की अगुवाई में जांच टीम का गठन किया। डीसी सभ्रवाल ने बताया कि डोप टेस्ट के मामले में सेहत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इसलिए इस मामले की जांच जरूरी है।
एसएसपी ध्रुव दहिया का कहना है कि पुलिस मुलाजिमों की डोप टेस्ट की रिपोर्ट देखकर वह खुद हैरान हैं। उन्होंने ही डीसी को पत्र लिखकर मामले की जांच करवाने को कहा था। एसएसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट में अगर सेहत विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया तो बाकायदा एफआईआर दर्ज होगी।
डीसी प्रदीप सभ्रवाल का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश को नशा मुक्त बनाने लिए पंचायतों को पाबंद किया गया है। ऐसे में अगर कोई अधिकारी या सरकारी कर्मचारी नशे को बढ़ावा देता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। तरनतारन को नशा मुक्त बनाने लिए बड़े स्तर पर मुहिम जारी रहेगी। अब सरकारी विभागों में भी यह मुहिम चलाई जाएगी।