फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amritsar News: नवंबर के अब तक एक दिन में सबसे कम जली पराली, मात्र 3 मामले आए, छह शहर यलो जोन में

विज्ञापन
विज्ञापन
-कुल मामलों की संख्या 5088 हुई, तरनतारन में सबसे अधिक 696 केस आए
विज्ञापन

-पंजाब में अब तक 1473 अफसरों को नोटिस, पूछा- समय पर पहुंच कर क्यों नहीं बुझाई आग
-
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में रविवार को नवंबर के अब तक एक दिन में पराली जलने के सबसे कम 3 मामले सामने आए। अब राज्य में पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 5088 हो गई है। तरनतारन में सबसे ज्यादा 696 मामले आए हैं। सीएम के गृह जिले संगरूर में 695 और फिरोजपुर में 547 मामले दर्ज किए गए हैं। रविवार को पंजाब के छह शहरों का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया जिनमें अमृतसर का एक्यूआई सबसे अधिक 177, मंडी गोबिंदगढ़ का 170, पटियाला का 158, खन्ना व जालंधर का 128 और 128 दर्ज किया गया। पंजाब में बीते कई दिनों से पराली जलाने के मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। 15 नवंबर को पंजाब में पराली जलाने के 39, 16 नवंबर को 95 मामले, 17 को 31 मामले, 18 को 15 मामले, 19 को 16 मामले, 20 नवंबर को 12 मामले, 21 को 30 मामले, 22 कोे 9 और आज रविवार को पराली जलाने के मात्र तीन मामले हुए। यह नवंबर महीने के अब तक के पराली जलाने के सबसे कम मामले रहे।
तरनतारन, संगरूर और फिरोजपुर के अलावा अमृतसर में इस सीजन के दौरान अब तक पराली जलाने के कुल 315 मामले, बठिंडा में 368, मानसा से 304 मामले, मुक्तसर से 372, मोगा से 330, पटियाला से 235, कपूरथला से 136, लुधियाना से 218, फाजिल्का से 265, फरीदकोट से 132, बरनाला से 105, मालेरकोटला से 91, गुरदासपुर से 85, जालंधर से 83, फतेहगढ़ साहिब से 49, एसएएस नगर से 29, होशियारपुर से कुल 17 मामले सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



अब तक 1.23 करोड़ रुपये का जुर्माना
पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी लगातार जारी है। 22 नवंबर तक 2344 मामलों में 1.23 करोड़ रुपये का जुर्माना किया गया है। इसमें से 62 लाख 15 हजार रुपये की जुर्माना राशि वसूल भी कर ली गई है। इसके साथ ही 1924 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और 2147 रेड एंट्री की गई हैं। पंजाब में अब तक पराली जलाने के मामलों की रोकथाम के लिए फील्ड में तैनात 1473 नोडल व सुपरवाइजरी अफसरों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह अफसर सूचना मिलने के बावजूद संबंधित खेत में पहुंच पराली में लगी आग को बुझाने में नाकाम रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें