चीनी, आटे, सूजी और घी से होती है तैयार
हलवाई जनकराज ने बताते हैं कि खजूर को बनाने के लिए चीनी, आटे, सूजी और घी का इस्तेमाल किया जाता है। लोहड़ी के त्योहार के आसपास हम पूरा दिन खजूर बनाते रहते हैं। कभी-कभी यह कुछ ही घंटों में बिक जाती है। लोहड़ी के नजदीक रोजाना 10 से 12 गुना खजूर तैयार की जाती है, क्योंकि इस समय हर कोई इसे खरीदता है।
क्या है खासियत
बरसों से नवाकोट बाजार में खजूर बनाने का काम कर रहे राजेश मित्तल बताते हैं कि खजूर बनाने के काम में इस समय उनकी तीसरी पीढ़ी है। उनके दादा ने यह काम शुरू किया था और आज वह खुद खजूर बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डालडा घी की खजूर 260 रुपये किलो के हिसाब से बिकती है, जबकि देसी घी की 520 रुपये में। इसकी खासियत है कि यह एक सप्ताह तक बाहर से बिल्कुल कुरकुरी और अंदर से नर्म रहती है।