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अमृतसरी खजूर: लोहड़ी पर विदेशों तक जाती है इस मिठाई की साैगात, सिर्फ अमृतसर में ही होती है तैयार

Mon, 13 Jan 2025 12:28 PM IST
निवेदिता वर्मा पिंकेश कुमार, संवाद, अमृतसर

सार

अमृतसरी खजूर मिठाई केवल अमृतसर में ही बनाई जाती है। इसे बनाने के लिए चीनी, आटे, सूजी और घी का इस्तेमाल किया जाता है। यह मिठाई एक हफ्ते तक कुरकुरी बनी रहती है।
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अमृतसरी खजूर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सर्दियों में सिर्फ अमृतसर में ही तैयार होने वाली पारंपरिक अमृतसरी मिठाई खजूर का स्वाद लोहड़ी पर विदेश तक पहुंचता है। लोहड़ी पर्व के नजदीक इस मिठाई की इतनी ज्यादा मांग रहती है कि लोग दूर-दराज यहां तक कि विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों को इसे सौगात के तौर पर भिजवाते हैं। 

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वहीं लोहड़ी पर बेटियों या रिश्तेदारों को लोग उपहार के रूप में कपड़े, ड्राईफ्रूट, मूंगफली, गज्जक, रेवड़ियों के साथ देसी घी से तैयार खजूर भी देते हैं। दिसंबर के अंत में ही मिठाई की दुकानों पर खजूर बनाने वाले कारीगर अपना काम शुरू कर देते हैं। यह अमृतसर में ही तैयार की जाती है। 

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चीनी, आटे, सूजी और घी से होती है तैयार

हलवाई जनकराज ने बताते हैं कि खजूर को बनाने के लिए चीनी, आटे, सूजी और घी का इस्तेमाल किया जाता है। लोहड़ी के त्योहार के आसपास हम पूरा दिन खजूर बनाते रहते हैं। कभी-कभी यह कुछ ही घंटों में बिक जाती है। लोहड़ी के नजदीक रोजाना 10 से 12 गुना खजूर तैयार की जाती है, क्योंकि इस समय हर कोई इसे खरीदता है।

क्या है खासियत

बरसों से नवाकोट बाजार में खजूर बनाने का काम कर रहे राजेश मित्तल बताते हैं कि खजूर बनाने के काम में इस समय उनकी तीसरी पीढ़ी है। उनके दादा ने यह काम शुरू किया था और आज वह खुद खजूर बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डालडा घी की खजूर 260 रुपये किलो के हिसाब से बिकती है, जबकि देसी घी की 520 रुपये में। इसकी खासियत है कि यह एक सप्ताह तक बाहर से बिल्कुल कुरकुरी और अंदर से नर्म रहती है। 
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