गार्डन एवेन्यू निवासी फाइनेंस ब्रोकर गुरप्रीत सिंह चावला ने सोमवार सुबह जहर निगल कर खुदकुशी करने की कोशिश की। उसके परिवारवालों का आरोप है कि गुरप्रीत को इन्कम टैक्स विभाग इंवेस्टिेगेशन विंग के अफसर लगातार परेशान कर रहे थे।
गुरप्रीत के जहर निगलने का पता चलते ही परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए। समय पर डाक्टरी सहायता मिल जाने से उनकी जान बचाई जा सकी। अस्पताल में भर्ती गुरप्रीत की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
डाक्टरों ने 24 घंटे तक का समय दिया है। गुरप्रीत के परिवार का आरोप है कि इंवेस्टिेगेशन विंग के अधिकारी बीते एक महीने से लगातार परेशान कर रहे हैं। वहीं विभाग के अधिकारियों ने इन सारे आरोपों को खारिज कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि गुरप्रीत के खातों से करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। वह लगातार गुरप्रीत को उन लोगों को नाम बताने को कह रहे थे, लेकिन गुरप्रीत ने बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया। विभाग ने अपनी ओर से व्यापारियों की पहचान कर नोटिस जारी किए तो सभी में हड़कंप मच गया। अधिकारियों का आरोप है कि बड़े स्तर पर काला धन बनाने का काम किया जा रहा है।
विभाग की ओर से उन्हें बिल्कुल भी परेशान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि टीम सही काम कर रही है, जबकि उल्टा गुरप्रीत सिंह प्रेशर बनाकर बचने की कोशिश कर रहा है।