पठानकोट बस स्टैंड से रोडवेज की 99 में से 69 बसें हुई मिस।
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पंजाब रोडवेज के कांट्रैक्ट कर्मचारियों तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन वीरवार को पठानकोट डिपो से संचालित 99 में से 30 बसें ही चल पाईं, जबकि 69 बसों के रूट मिस हो गए। हड़ताल से डिपो को 8 लाख का नुकसान हुआ है। वहीं यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब रोडवेज कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने मांगों को लेकर बुधवार से काम बंद रखा है। इसको लेकर पंजाब रोडवेज के समूह कांट्रैक्ट ड्राइवर व कंडक्टर चंडीगढ़ में सीएम हाउस का घेराव कर प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन कर रहे हैं। पठानकोट बस स्टैंड के एसएस विजय कुमार ने बताया कि रोडवेज की 99 में से 30 बसें ही चल सकी हैं। इससे डिपो को 8 लाख का नुक्सान हुआ है।
यूनियन लीडर राजकुमार ने बताया कि हड़ताल एक दिन और जारी रहेगी और इस दौरान भी हमारी मांगे न मानी गई तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी मांगों में कर्मचारियों को पक्का करना, कंडक्टरों व ड्राइवरों पर लगी शर्तें खत्म करना, बराबर वेतन देना आदि शामिल हैं।
उधर महाराणा प्रताप इंटर स्टेट बस टर्मिनल पर बसों के इंतजार में बैठे लक्की, अजय, अमन, लखविंदर, राहुल, मीना, रुचि ने रोडवेज की हड़ताल के चलते उन्हें निजी बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उनके समय की काफी बर्बादी हुई है। वहीं रोडवेज बसें न चल पाने से निजी बस आपेटरों की बसों ने भारी कमाई की।