घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में रोष है। तरसेम सिंह और उनके परिजनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पथराव करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पंजाब के कस्बा अजनाला के गांव निवासी तरसेम सिंह अपने साथियों के साथ तहत हजूर साहिब में मत्था टेकने गए थे। लौटते समय, जब उनकी ट्रेन औरंगाबाद रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तो बाहर खड़े कुछ शरारती तत्वों ने यात्रियों पर अचानक पथराव शुरू कर दिया।
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इस पथराव में तरसेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। एक पत्थर उनके हाथ पर लगा, जिससे उनकी हाथ की हड्डी टूट गई। घायल अवस्था में वह अजनाला लौटकर एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। अस्पताल के डॉक्टर करणवीर सिंह ने बताया कि पत्थर की चोट से उनके हाथ की हड्डी टूट गई थी, जिसका सफल ऑपरेशन कर दिया गया है।
यात्रियों में दहशत, सख्त कार्रवाई की मांग
डॉ. करणवीर सिंह ने कहा कि कुछ शरारती तत्व जानबूझकर श्रद्धालुओं पर पथराव करते हैं, ताकि लोगों के मन में डर का माहौल बने और वे धार्मिक यात्राओं पर जाने से कतराएं। घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में रोष है। तरसेम सिंह और उनके परिजनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पथराव करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।