कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ मुखर हो गए हैं। जोशी ने वीरवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में सूबा सरकार को चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक व्यापारियों पर लगाया गया स्टॉक टैक्स वापस न लिया गया तो वह व्यापारियों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू कर देंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह आंदोलन में व्यापारियों का नेतृत्व भी करेंगे। जोशी यह संघर्ष मंगलवार से शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि व्यापारियों के लिए जरूरत पड़ी तो वह अपनी कुर्सी भी छोड़ देंगे। मंत्री पद से अधिक उनको व्यापारी वर्ग के साथ लगाव है। व्यापारियों के कारण ही वह सरकार में आए हैं। इसलिए मेरा पहला फर्ज है कि मैं व्यापारियों के लिए आवाज उठाऊं और उनकी मुश्किलें हल करूं। उन्होंने व्यापारियों को कहा कि वह किसी भी कीमत पर एडवांस टैक्स न भरें। आंदोलन के दौरान व्यापारी पंजाब के भ्रष्टाचारी अधिकारियों के नामों को भी सार्वजनिक करेंगे। अभी भी व्यापारियों के करोड़ों रुपये के फंड सरकार की तरफ बकाया पड़े हैं।
जोशी ने कहा कि अफसरशाही सरकार को हमेशा ही गुमराह करती रही है। व्यापारियों के टैक्स के मामले में भी सरकार को अफसर गुमराह कर रहे है। इससे पंजाब सरकार के रेवेन्यू की हानि हो रही है। अधिकारी टैक्सों के संबंध में जो प्रस्ताव सरकार को दे रहे हैं, वह न तो व्यापारियों के और न ही सरकार के हक में है। जोशी ने कहा कि पंजाब सरकार को व्यापारियों की बदौलत ही रेवेन्यू मिल रहा है लेकिन अफसरशाही व्यापारियों को परेशान कर रही है।