गुरु ग्रंथ साहब जी के प्रकाश उत्सव की पूर्व संध्या पर फूलों से सजा अमृतसर का स्वर्ण मंदिर
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व की 416वें प्रकाश पर्व की पूर्व संध्या पर श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन से लेकर दर्शनी ड्योढ़ी तक की गई फूलों की सजावट से पूरा वातावरण महक गया। दर्शनी ड्योढ़ी से मुख्य भवन के दाएं व बाएं तरफ फूलों की झालरों के बीच सफेद और भूरे रंगों के फूलों के साथ सिख धर्म के प्रतीक खंडा के निशान बनाए गए हैं। मुख्य भवन तक जाने वाले रास्ते के दोनों तरफ (सरोवर की तरफ) में 11-11 खंडे बनाए गए हैं।
सचखंड के मुख्य भवन के बाहर की तरफ बीचों-बीच फूलों की एक झालर चारों तरफ लगाई गई है। सचखंड के भीतर जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सुशोभित हैं, वहां भी शानदार फूलों की सजावट की गई है। सचखंड में फूलों की सजावट के साथ खंडा साहिब और मुख्य भवन के बाहर फूलों की झालर लगाई गई है। फूलों की सजावट गुरु घर के श्रद्धालु केके शर्मा द्वारा करवाई गई है। सुरिंदर सिंह और संगत उनका सहयोग कर रही है। केके शर्मा ने पहले प्रकाश पर्व पर सचखंड में फूलों की सजावट करने के लिए इस बार कोलकाता, बंगलुरु, पूना और केरल समेत अन्य राज्यों से फूल मंगवाए हैं। श्री दरबार परिसर को फूलों से सजाने के लिए 25 से 30 टन फूलों का इस्तेमाल किया जाएगा।
एसजीपीसी के प्रवक्ता कुलविंदर सिंह रमदास ने बताया कि सजावट के लिए 80 से अधिक कारीगर सचखंड में काम कर रहे हैं। फूलों की सजावट करने वाले यह कारीगर उत्तर प्रदेश व कोलकाता से आए हैं। लगभग 50 किस्म के फूल जिसमें गुलाब, कार्निशन, लिली, मैरीगोल्ड, रजनीगंधा, जैसमीन, गुलदाउदी और जरवेरा आदि विशेष हैं।
प्रवक्ता के अनुसार 19 अगस्त को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व के अवसर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब से सचखंड श्री हरमंदिर साहिब तक सांकेतिक नगर कीर्तन सजाया जाएगा। इस नगर कीर्तन में तख्त साहिब के जत्थेदारों सहित, श्री दरबार साहिब के ग्रंथी साहिबान व एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल सहित कई सदस्य हाजिरी भरेंगे। कोरोना के कारण इस बार संगत का इकट्ठा होना संभव नहीं है। इसलिए समागम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। सचखंड, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में जलों सजेगें और शाम को दीपमाला व आतिशबाजी भी होगी।