चार वर्षीय मासूम बेटे का गला रेतने की धमकियां देकर महिला को कुछ लोग अगवा करके लुधियाना ले गए जहां उसके साथ तीन माह तक सामूहिक दुराचार किया गया। किसी तरह आरोपियों के चुंगल से बच कर आई पीड़िता ने पुलिस के सामने सारे मामले का खुलासा किया।
थाना देहाती तरनतारन की पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। महिला ने पुलिस को बताया कि 2005 में उसका विवाह हुआ था और उसके तीन बच्चे हैैं। 17 फरवरी को सुबह 10 बजे जब वह अपने 4 वर्षीय बेटे के साथ अपने मायके गांव जाने के लिए बस अड्डे जा रही थी तो बाइक पर चार आरोपी आए।
उनमें से रविशेर सिंह पुत्र बलदेव सिंह ने उसके बेटे को उठाकर उसकी गर्दन पर चाकू लगाते हुए कहा कि अगर कहा न माना तो बच्चे का गला रेत देंगे। अपने बच्चे को बचाने के लिए वह आरोपियों के साथ चली गई। उसे लुधियाना में ले जाया गया। आरोपी उसे अगले दिन किराए के कमरे पर ले गए जहां पर उसके साथ सामूहिक दुराचार किया गया। यह सिलसिला तीन माह तक चलता रहा।
रविशेर सिंह के अलावा कश्मीर सिंह, सर्बजीत सिंह और मनजीत सिंह ने उसको बेटे की हत्या की धमकी देकर दुराचार किया। 24 मई को सुबह 9 बजे जब चारों आरोपी घर में नहीं थे तो पीड़िता अपने बच्चे समेत वहां से बस अड्डे पर आई और अपने पति को फोन किया। महिला के बयान की जांच के बाद थाना देहाती की पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। एसएसपी राजजीत सिंह हुंदल ने बताया कि वुमन सेल तरनतारन के प्रभारी सब इंस्पेक्टर परमजीत कौर को मामले की जांच सौंपी गई है।