कहा, सिख युवाओं पर मानसिक और शारीरिक अत्याचार बंद करे सरकार
परिवारों को हर स्तर पर सहयोग करेगी एसजीपीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने शुक्रवार को अमृतसर के विरासत मार्ग में धरने पर बैठे असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह और उनके साथियों के परिवारों से मुलाकात की। धामी ने एनएसए के तहत हिरासत में लिए गए युवाओं को सरकार द्वारा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे उनके परिवारों के साथ डिब्रूगढ़ जेल की वर्तमान स्थिति और पंजाब सरकार के साथ चल रही बातचीत पर भी चर्चा की।
इस अवसर पर धामी ने हिरासत में लिए गए युवाओं के परिवारों को आश्वासन दिया कि एसजीपीसी हर पहलू पर उनका समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही श्रीअकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करके अगली रणनीति तय की जाएगी।
मीडिया से बात करते हुए धामी ने कहा कि सिखों को पहले भी पंजाब से बाहर जेलों में बंद किया गया है, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि उनकी निजता पर हमला करने के लिए बाथरूम में कैमरे और रिकॉर्डर लगाए गए हों और मानसिक रूप से परेशान करने की कोशिश की गई हो। उन्होंने कहा कि डिब्रूगढ़ जेल प्रशासन द्वारा उत्पीड़न के विरोध में सिखों ने संघर्ष का रास्ता चुना और भूख हड़ताल शुरू कर दी, जिससे पंजाब में परिवारों की चिंताएं भी बढ़ गईं। उन्होंने कहा कि अमृतपाल के परिवार ने वीरवार से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। धामी ने पंजाब सरकार से कहा कि वह तुरंत इन सिख युवाओं के परिवारों की बात सुनें और इस मुद्दे का समाधान करें।
उन्होंने डिब्रूगढ़ जेल में बंद सिख युवाओं और उनके परिवारों से भी अपील की कि गुरमत सिद्धांत भूख हड़ताल के माध्यम से शारीरिक उत्पीड़न की अनुमति नहीं देता है। धामी ने कहा कि वह जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से चर्चा करेंगे कि भूख हड़ताल पर बैठे इन परिवारों के साथ बैठकर अगली रणनीति तय की जाए। इस अवसर पर एसजीपीसी के महासचिव राजिंदर सिंह मेहता, सुरजीत सिंह भिट्टेवाड, बावा सिंह गुमानपुरा, अमरजीत सिंह बंडाला, सचिव शिरोमणि कमेटी प्रताप सिंह, ओएसडी सतबीर सिंह धामी, उप सचिव बलविंदर सिंह काहलवां, हिरासत में लिए गए युवाओं के परिवार के सदस्यों के अलावा जसबीर सिंह घुम्मन, जसकरण सिंह काहनसिंहवाला मौजूद थे।
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