अमृतसर। एसजीपीसी के बुधवार को हुए बजट इजलास में गुरमुखी लिपि दिवस मनाने का फैसला किया गया। एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने बजट इजलास के दौरान सदस्यों की हाजिरी में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन गुरबाणी के साथ छेड़छाड़ कर छापने की निंदा, अमृतसर से सीधी उड़ानें शुरू करने, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब को आने-जाने वाले रास्ते खोलने सहित अन्य सिख मसलों पर प्रस्ताव पारित किए।
बजट इजलास में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन गुरबाणी के साथ छेड़छाड़ कर छापने और वेबसाइटों पर अपलोड करने के मामले की सख्त निंदा करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से सख्त कार्रवाई की अपील की गई। मोबाइल एप और वेबसाइटों पर मर्जी से श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अलग-अलग पावन बानियां अपलोड करने पर एतराज जताया गया। इसे लेकर श्री अकाल तख्त साहिब से निर्देश जारी करने की अपील की गई। एक प्रस्ताव में गुरु लिपी को ऊंचा उठाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास करने संबंधी वचनबद्धता प्रगट की गई। इस संबंध में श्री गुरु अंगद देव जी के ‘गुरुआई दिवस’ को हर साल गुरमुखी लिपि दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया।
एक प्रस्ताव में श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अमृतसर से अलग-अलग देशों को सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की गई। कहा गया कि अलग-अलग देशों में करीब 50 लाख सिख रहते हैं, जिन्हें इसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे लेकर भारत सरकार से अपील की गई कि वह इस पर गंभीर रुख अपनाए और कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय देशों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करे। एक अन्य प्रस्ताव में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अलग-अलग रास्तों को खोलने की पंजाब सरकार से मांग की गई। कहा गया कि इससे पहले नवंबर 2018 के इजलास में भी यह मता पारित कर पंजाब सरकार को भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बजट इजलास के दौरान गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब, पाकिस्तान के खुले कॉरिडोर के जरिये जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट की शर्त खत्म करने की भारत सरकार से मांग की गई। साथ ही पंजाब सरकार से अपील की गई कि एतिहासिक कस्बा डेरा बाबा नानक को सिख विरासती शहर के तौर पर विकसित किया जाए। गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब के शहीदी साके की शताब्दी मनाने और श्रद्धालुओं को पाकिस्तान जाने की मंजूरी देने संबंधी भारत और पाकिस्तान की सरकारों से एक प्रस्ताव के जरिये अपील की गई। जो 30 अक्तूबर 2022 को मनाई जानी है।
गलत प्रचार करने वालों की निंदा
इजलास के दौरान पारित अन्य प्रस्ताव में एसजीपीसी के खिलाफ गलत प्रचार करने वालों की निंदा की गई। इसमें कहा गया कि कुछ लोग जानबूझकर एसजीपीसी के खिलाफ गलत प्रचार कर रहे हैं। स्पष्ट किया कि कमेटी के ट्रस्ट एसजीपीसी की संपत्ति हैं और इनके चेयरमैन के तौर पर एसजीपीसी के प्रधान कार्यशील हैं। भारत की अलग-अलग जेलों में करीब 3 दशकों से बंद सिंहों की रिहाई संबंधी एक प्रस्ताव पारित किया गया। भारत सरकार ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर सिख कैदियों को रिहा करने का फैसला किया था, जो पूरा नहीं किया। इनमें प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर, जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना आदि शामिल हैं। एक अन्य प्रस्ताव में भारत सरकार की ओर से पंजाब विशेषकर सिखों के साथ किए जा रहे धक्के (अत्याचार) की भी निंदा की गई।
केंद्रीय सेवा शर्तें लागू करने का विरोध
बजट इजलास में केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ के मुलाजिमों पर केंद्रीय सेवा शर्तें लागू करने का विरोध किया और कहा कि यह बाहरी अधिकारी चंडीगढ़ पर थोपने के लिए किया गया है, जिसे तुरंत वापस लिया जाए। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब की अनिवार्य प्रतिनिधित्व खत्म करने को भी पंजाब के साथ भेदभाव करार दिया। इसके अलावा श्री गुरु नानक देव जी से संबंधित पावन स्थान गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी हर की पौड़ी हरिद्वार, गुरुद्वारा गुरु डांगमार और चुंगथांग सिक्कम, गुरुद्वारा बावली मट्ठ और पंजाबी मट्ठ जगन्नाथपुरी के मसले हल करने की भी भारत सरकार से अपील की गई।
हिमाचल सरकार को दी चेतावनी
इस दौरान हिमाचल सरकार की ओर से संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरावाले की तस्वीर प्रतिबंधित किए जाने का सख्त नोटिस लिया और हिमाचल सरकार को ऐसे सिख विरोधी हथकंडों से बाज आने की चेतावनी भी दी। अमृतधारी गुरसिख बच्चियों को उच्च शिक्षा देने की वचनबद्धता जताने का एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसके तहत माता साहिब कौर गर्ल्स कालेज, तलवंडी साबो की तर्ज पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी श्री फतेहगढ़ साहिब में 200 अमृतधारी गुरसिख बच्चियों को मुफ्त विद्या, रिहायश और खाना दिया जाएगा। इसी तरह ही श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब श्री आनंदपुर साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो और गुरुद्वारा बीढ़ बाबा बुड्डा साहिब ठट्ठा तरनतारन में मचार मेडिकल स्टोर खोले जाएंगे, जहां लागत कीमत पर जरूरतमंदों को दवाएं दी जाएंगी। एसजीपीसी के जनरल इजलास में सिख मामलों संबंधी प्रस्ताव के अलावा अकाल चलाना कर गई अलग-अलग शख्सियतों संबंधी शोक मते पढ़े गए।