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एसजीपीसी का बजट इजलास: अमृतसर में बैठक में हंगामा, जत्थेदारों को हटाने के खिलाफ प्रस्ताव लाएगा बागी गुट

Fri, 28 Mar 2025 01:36 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

पंजाब के अमृतसर में एसजीपीसी कार्यालय में एसजीपीसी का बजट इजलास शुरू हो गया है। बैठक में हंगामे के आसार हैं। क्योंकि जत्थेदारों को हटाने के खिलाफ बागी गुट प्रस्ताव लाएगा। 
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अमृतसर में एसजीपीसी की बजट मीटिंग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) का बजट इजलास 28 मार्च शुक्रवार को हो रहा है। अमृतसर स्थित एसजीपीसी कार्यालय में बैठक शुरू हो गई है। एसजीपीसी की ओर से 1387 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया गया है।

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सिख संगठन और दमदमी टकसाल कार्यकर्ता एसजीपीसी कार्यालय पहुंचे तो बाहर पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनकी पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हो गई। वहीं, निहंग बंधिया के कार्यकर्ता भी एसजीपीसी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद माहौल गरमा गया। एसजीपी इजलास का विपक्ष ने बायकॉट किया है।

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गोल्डन गेट से चले सिख बंधिया के मार्च को पुलिस और एसजीपीसी टास्क फोर्स की तरफ से श्री गुरु रामदास सराय के पास ही रोक लिया गया है। उनको एसजीपीसी कार्यालय के बाहर पहुंचने नहीं दिया गया। इसके बाद श्री गुरु रामदास सराय के बाहर दमदमी टकसाल की तरफ से धरना शुरू कर दिया गया है। हरिमंदिर साहिब परिसर में चारों ओर पुलिस बल तैनात किया गया है।



बागी गुट के 40 से अधिक सदस्य जत्थेदारों को हटाने के खिलाफ प्रस्ताव लाएगा। इस दौरान हंगामा हो सकता है। एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जगीर कौर प्रस्ताव पेश करेंगी। सिख गुरुद्वारा एक्ट के अनुसार प्रस्ताव के लिए 15 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। इस बार एसजीपीसी का संभावित 1355 करोड़ से अधिक का बजट हंगामे के बीच ही पास होने की संभावना है।
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इस दौरान श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह व अन्य जत्थेदारों के इसमें शामिल होने पर भी संशय है, क्योंकि एसजीपीसी के सदस्यों समेत सिख संगत भी बड़े स्तर पर उनकी नियुक्ति का विरोध कर रही है। तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार टेक सिंह धनोला की नियुक्ति अभी हुई नहीं है। तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार बलदेव सिंह व तख्त श्री हजूर साहिब के जत्थेदार कुलवंत सिंह अकसर इन इजलासों में शामिल होने नहीं आते हैं। ऐसे में श्री हरिमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी व ग्रंथी व श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह इजलास में शामिल हो सकते है।

एसजीपीसी केे कुल सदस्यों में से 31 के करीब सदस्यों की मृत्यु हो चुकी है। इस बार अगर एसजीपीसी हाउस में हटाए गए जत्थेदारों को दोबारा बहाल करने का प्रस्ताव एसजीपीसी की ओर से नहीं पास किया जाता तो बाहर धरने पर बैठी सिख संगत सिख पंथ में मर्यादा बहाली के लिए किसी संघर्ष के सख्त एक्शन का एलान कर सकती है।

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