अमृतसर। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में एसजीपीसी और गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम की तरफ से मंगलवार को सोने के पत्रों और मीनाकारी की सेवा शुरू की गई। इसकी जिम्मेदारी एसजीपीसी ने गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम को सौंपी है। आईआईटी रुड़की के माहिर करेंगे इस कार्य की निगरानी करेंगे।
सेवा की शुरुआत से पहले श्री अकाल तख्त साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। अरदास भाई बलजीत सिंह ने की और पावन हुक्मनामा सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी जगतार सिंह ने सुनाया। इस अवसर पर एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सतगुरु की रहमत से सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में मीनाकारी और सोने के पत्रों की सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी की ओर से यह सेवा गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम को सौंपी गई है। सेवा माहिरों की देखरेख में करवाएंगे। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में सोने की चमक खराब हो रही थी, जिसे लेकर माहिरों की राय के बाद यह निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि पुरातन परंपरा के मुताबिक काम किए जाएंगे और खराब पत्रों को बदला जाएगा। उन्होंने इसके लिए गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम के मुखी भाई महिंदर सिंह और पूरे जत्थे का धन्यवाद करते हुए कहा कि इनसे पहले भी कई सेवा कार्य करवाए गए हैं। निष्काम सेवक जत्था के मुखी भाई महिंदर सिंह ने कहा कि यह सौभाग्य उन्हें मिला है। उन्होंने कहा कि सेवा की निगरानी के लिए आईआईटी रुड़की के प्रो. डा. भूपिंदर सिंह, डा. काइजात बड़ौदा और पंकज दत्ता आदि माहिरों की सेवाएं ली जाएंगी।
एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट धामी ने गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था के प्रतिनिधियों को सिरोपा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह, जूनियर उप प्रधान सुरिंदर सिंह, भाई इंद्रजीत सिंह, किला आनंदगढ़ के बाबा सुच्चा सिंह, बाबा सतनाम सिंह, एसजीपीसी के सचिव महिंदर सिंह आहली, अतिरिक्त सचिव प्रताप सिंह, उप सचिव कुलविंदर सिंह रमदास, डा. भूपिंदर सिंह, डा. कायजाक बड़ौदा तथा पंकज दत्ता भी उपस्थित थे।