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जहरीली शराब कांड: मुख्य आरोपी ने पुलिस के सामने किया बड़ा खुलासा... दस गांवों के सरपंच अंडरग्राउंड

Fri, 16 May 2025 11:12 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर

सार

अमृतसर के मजीठा में जहरीली शराब पीने से 27 लोगों की मौत हुई है। पुलिस मामले में कई आरोपियों को पकड़ चुकी है। वहीं कई गांवों के सरपंच पुलिस के डर से छिपे हुए हैं। 
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विलाप करते परिजन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमृतसर के मजीठा एरिया में जहरीली शराब से 27 लोगों की मौत के बाद पुलिस प्रशासन जहां इसके आरोपियों की धरपकड़ में लगा है। वहीं, मजीठा सहित कस्बा अटारी, अजनाला, झब्बाल आदि के कई गांव के सरपंच अंडरग्राउंड हो गए हैं। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि तो नहीं है, लेकिन बताया जा रहा कि करीब दस गांव के सरपंच हैं, जिन पर शराब बिकवाने और यहां तक कि खुद इसका कारोबार करने का आरोप लगता रहा है। ऐसे में अब उन लोगों को भी डर सता रहा है कि कहीं पुलिस का हाथ उनके गिरेबान तक न पहुंच जाए। ऐसे में मामला ठंडा होने तक वे खुद को लोगों की नजर से दूर रखे हुए हैं।
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इंटरनेट से सीखी शराब बनाने की तकनीक 

पकड़े गए 16 आरोपियों में से मुख्यारोपी साहिब सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि मेथनाॅल से शराब बनाने का तरीका वह इंटरनेट से सीख रहा था। इसी कारण उसने मेथनाॅल मंगवाया था। उससे शराब बनाकर अलग-अलग गांव में बेच रहा था। इसके अलावा आरोपी ने यह भी कबूला है कि वह पिछले दस साल से ज्यादा समय से इस धंधे से जुड़ा है। वह आसपास के गांवों में लिफाफों में शराब भरकर डिलीवर करवा देता था।

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कई साल से लगातार चल रहा धंधा 

जहरीली शराब से लोगों की मौत का मामला नया नहीं है। पिछले कई साल से ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। नेताओं और पुलिस अधिकारियों की नाक के नीचे यह पूरा धंधा चल रहा है। यहां तक कि कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी खुद मिलीभगत कर यह धंधा करवा रहे है। 

2020 में गई थी 120 की जान

2020 में अमृतसर, बटाला और तरनतारन में जहरीली शराब से 120 मौतें हुई थीं। उसके बाद मार्च 2022 में संगरूर में नकली शराब से 20 लोगों की मौत हुई थी। उसके आरोपियों के साथ क्या किया गया इसकी जानकारी किसी को नहीं है। हर बार कुछ लोगों को पकड़ लिया जाता है। इसके बाद जांच कमेटी और फिर कुछ सप्ताह के बाद मामला फाइलों में दब जाता है।
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