इंटरनेट से सीखी शराब बनाने की तकनीक
पकड़े गए 16 आरोपियों में से मुख्यारोपी साहिब सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि मेथनाॅल से शराब बनाने का तरीका वह इंटरनेट से सीख रहा था। इसी कारण उसने मेथनाॅल मंगवाया था। उससे शराब बनाकर अलग-अलग गांव में बेच रहा था। इसके अलावा आरोपी ने यह भी कबूला है कि वह पिछले दस साल से ज्यादा समय से इस धंधे से जुड़ा है। वह आसपास के गांवों में लिफाफों में शराब भरकर डिलीवर करवा देता था।
यह भी पढ़ें: यात्रीगण कृपया ध्यान दें: अमृतसर से चलने व आने वाली बीस ट्रेनें रद्द, 27 के रूट बदले... देखें पूरी सूची
कई साल से लगातार चल रहा धंधा
जहरीली शराब से लोगों की मौत का मामला नया नहीं है। पिछले कई साल से ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। नेताओं और पुलिस अधिकारियों की नाक के नीचे यह पूरा धंधा चल रहा है। यहां तक कि कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी खुद मिलीभगत कर यह धंधा करवा रहे है।
2020 में गई थी 120 की जान
2020 में अमृतसर, बटाला और तरनतारन में जहरीली शराब से 120 मौतें हुई थीं। उसके बाद मार्च 2022 में संगरूर में नकली शराब से 20 लोगों की मौत हुई थी। उसके आरोपियों के साथ क्या किया गया इसकी जानकारी किसी को नहीं है। हर बार कुछ लोगों को पकड़ लिया जाता है। इसके बाद जांच कमेटी और फिर कुछ सप्ताह के बाद मामला फाइलों में दब जाता है।