लोग घरों से बाहर निकलने से भी डरते थे
गांव जहांगीर के निवासी रवेल सिंह ने बताया कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष शुरू होने के कुछ दिनों तक गांव में सन्नाटा छाया रहा। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डरते थे। जसविंदर सिंह ने बताया कि जब हमें पता चला कि मिसाइल के कुछ छोटे हिस्से हमारे गांव में भी गिरे है, तब सब लोग घबरा गए थे। बच्चों को बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। हर समय एक अनजाना सा डर था।
बलविंदर सिंह का कहना था कि उस वक्त पुलिस और सेना के जवारों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। उन्होंने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया और गांववासियों को भरोसा दिलाया कि सब कुछ सुरक्षित है। सेना की मौजूदगी ने हमें भरोसा दिया कि हम महफूज हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को संभाला।