जौड़ा रेल फाटक पर अक्टूबर 2018 में दशहरा दहन कार्यक्रम के हादसे की जांच कमेटी की रिपोर्ट को शिअद (बादल) ने नकार दिया है। प्रवक्ता पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि इस हादसे के लिए निगम के चार अधिकारियों को आरोपी घोषित किया गया। लेकिन दशहरा दहन कार्यक्रम के आयोजक पार्षद मिट्ठू मदान, मुख्य मेहमान डॉ. नवजोत कौर सहित अन्य लोगों को क्लीन चिट देने की कोशिश की गई है। वल्टोहा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गांधी परिवार के दबाव में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू, मिट्ठू मदान व दशहरा कमेटी के आयोजकों को बचाया गया है।
वल्टोहा ने कहा कि बिना इजाजत के इतने बड़े समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य मेहमान डॉ. नवजोत कौर सिद्धू थीं, जो तत्कालीन मंत्री नवजोत सिद्धू की पत्नी हैं। इसलिए कार्यक्रम के प्रचार के लिए शहर में होर्डिंग लगा दिए गए। इस कारण कार्यक्रम देखने के लिए भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के आयोजक के साथ-साथ डॉ. नवजोत कौर सिद्धू भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि इस हादसे के बाद नवजोत सिद्धू ने मारे गए लोगों के परिजनों के साथ कई वादे किए, लेकिन एक भी पूरा नहीं किया। वल्टोहा के अनुसार हादसे से प्रभावित परिवार इस रिपोर्ट से स्तब्ध हैं। वह स्वयं को लुटा हुआ महसूस कर रहे हैं। जांच लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाली है। उन लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनका कोई दोष नहीं था।