एसजीपीसी की तरफ से संस्था की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों और सचिवों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन कमीज-पायजामा पहनकर ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए गए हैं। यह ड्रेस कोड गुरुद्वारों और शैक्षणिक संस्थानों में भी लागू रहेगा।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू करने की घोषणा की है। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने निर्देश दिया कि अब सभी दफ्तरों, सेक्टर-85 के गुरुद्वारों और शैक्षणिक संस्थानों में ड्यूटी की शुरुआत पांच मूल मंत्र और गुरुमंत्र के जाप से की जाएगी।
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धामी ने कर्मचारियों को नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य गुरु साहिब के संदेश का प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी की शुरुआत पर चढ़दी कला और आपसी ईर्ष्या खत्म होने के लिए अरदास भी की जाएगी। अरदास करने वाले सेवादार को प्रतिदिन बदला जाएगा और इसकी रिपोर्ट व्हाट्सएप के माध्यम से मुख्य कार्यालय भेजनी होगी।
संस्था की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों और सचिवों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन कमीज-पायजामा पहनकर ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए गए हैं। यह ड्रेस कोड गुरुद्वारों और शैक्षणिक संस्थानों में भी लागू रहेगा।
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अनुशासन बनाए रखने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की सख्त निगरानी होगी और विभिन्न ट्रस्टों से कर्मचारियों की मासिक हाजिरी रिपोर्ट मांगी जाएगी। धामी ने सिफारिशी संस्कृति पर चिंता जताते हुए नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने घोषणा की कि 1 अप्रैल से कर्मचारियों को 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा और कम वेतन पाने वालों के लिए विशेष राहत योजना भी तैयार की जाएगी।