कोरोना टेस्ट की तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के मकसद से स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड एंटीजन टेस्ट की शुरुआत की है। इस टेस्ट के महज 15 मिनट बाद ही कोविड-19 की रिपोर्ट प्राप्त हो सकेगी। सोमवार को अमृतसर सिविल अस्पताल में 10 लोगों के रैपिड कार्ड टेस्ट किए गए। आम तौर पर स्वास्थ्य केंद्रों में सैंपल लिया जाता है और इसे सिविल अस्पताल स्थित आईडीएसपी लैब भेजा जाता है। इस लैब से सैंपल सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब भेजा जाता था। इसके बाद तीन से चार दिन बाद रिपोर्ट आती थी। रिपोर्ट के इंतजार में लोगों को भारी असुविधा होती थी। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती हो पीड़ादायक होती, क्योंकि रिपोर्ट मिलने पर ही मरीज को अस्पताल या घर में आइसोलेट किया जाता था। इससे कोरोना के प्रसार का खतरा भी बढ़ रहा था।
रैपिड एंटीजन टेस्ट से यह दुविधा खत्म हो जाएगी। यदि एंटीजन टेस्ट में कोई भी शख्स कोरोना पॉजिटिव आया तो उसे तुरंत आइसोलेट किया जा सकेगा। वहीं निगेटिव आए शख्स का आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जाएगा। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. अरुण शर्मा का कहना है कि एंटीजन टेस्ट उसी का किया जाएगा जो सिम्टोमेटिक है। पॉजिटिव आने पर मरीज का इलाज शीघ्र शुरू होगा। व्यक्ति के नाक से नोजल स्वैब लेकर इसे बफर सॉल्यूशन में रखा जाता है। इसके बाद सॉल्यूशन से निकालकर रैपिड कार्ड में रखा जाता है। पंद्रह से 25 मिनट बाद रिपोर्ट मिल जाती है।
प्रदेश में अभी तक 3 लाख 65 हजार लोगों के कोरोना टेस्ट हुए : सोनी
सेहत मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने बताया कि प्रदेश में अभी तक 3 लाख 65 हजार लोगों के कोरोना वायरस के टेस्ट हो चुके है।इनमें से 6625 लोगों के टेस्ट पॉजिटिव आये हैं। जालंधर,लुधियाना व मोहाजली में स्थापित कि जा रही कोरोना टेस्ट की अति आधुनिक लेब जल्द ही काम शुरू कर देंगी।इसके साथ ही प्रदेश में प्रति दिन 20 हजार लोगों के कोरोना टेस्ट हो सकेंगें।सर्किट हाउस में अधिकारीयों से बैठक करने एक बाद सोनी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की ईएमसी व तुली लेब के विरुद्ध जाँच के लिए गठित स्पेशल -इंवेस्टिगेशन टीम (सिट) जल्दी ही जांच शुरू कर देगी।जांच के बाद जो भी आरोपी पाया गया उसको कानून के कठघरे में खड़ा किया जायेगा।सोनी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए की वह जिले में कोरोना टेस्टों की संख्या बढ़ाये।सोनी ने शहर के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को सेनिटाइज करने के आदेश भी दिए।