अमृतसर में केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जनता की भावना का सम्मान किया है। सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों की सदस्यता को बचाने वाले अध्यादेश को वापस करवाने के लिए राहुल गांधी का दबाव जनभावना का सम्मान था।
इस अध्यादेश को वापस कर सरकार ने सही निर्णय लिया है। केंद्र सरकार का फैसला जनता के हित में है। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री सैलजा ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सियासी इम्तिहान होने वाला है।
हमें पूरी उम्मीद है कि जनता इस चुनाव में भी कांग्रेस पर भरोसा करेगी। केंद्र में तीसरी बार हम सरकार बनाने में कामयाब होंगे।
शुक्रवार दोपहर को अमृतसर पहुंची सैलजा श्री हरमंदिर साहिब में आशीर्वाद लेने से पहले कांग्रेस दफ्तर पहुंचीं। पार्टी दफ्तर में नेताओं और कार्यकर्ताओं से रूबरू सैलजा ने कहा कि पार्टी सर्वोपरि है। कांग्रेस एक परिवार की तरह है। गुरु नगरी में परिवार वालों के साथ मिलकर अच्छा लग रहा है।
पंजाब में कांग्रेस कार्यकर्ता संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी का झंडा बुलंद कर रखा है। कांग्रेस भवन में सैलजा को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार, जिला प्रधान जुगल किशोर शर्मा और पूर्व विधायक हरजिंदर सिंह ठेकेदार ने श्री दरबार साहिब का मॉडल भेंटकर सम्मानित किया।
उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेक आशीर्वाद लिया। सैलजा ने डॉ. राजकुमार के साथ अटारी बार्डर जाकर रिट्रीट सेरेमनी को भी देखा।
सैलजा के सामने ही उलझ गए
पंजाब कांग्रेस में अनुशासनहीनता नई बात नहीं है, लेकिन केंद्रीय मंत्री के मान-सम्मान का भी कांग्रेसियों ने सम्मान नहीं किया। घर आए मेहमान के सामने ही कांग्रेसी उलझे नजर आए। एयरपोर्ट से लेकर कांग्रेस भवन तक सैलजा को अजीब स्थितियों से जूझना पड़।
एयरपोर्ट पर सैलजा को अपनी गाड़ी में बैठाने के लिए पार्टी के दो सीनियर नेता उलझ गए। इसके बाद कांग्रेस भवन में वर्करों ने गुटबाजी की बात करते हुए कहा कि पार्टी के लिए चुनावी डगर कठिन है।