-मंडी गोबिंदगढ़ व खन्ना का औसतन एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज, पंजाब व चार शहरों का येलो जोन में
-बीते दो माह में पंजाब के किसी शहर का एक्यूआई खराब श्रेणी में नहीं रहा
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रिंपी गुप्ता
पटियाला। पंजाब में सरकार के दावों के विपरीत नवंबर महीने में अब तक बीते दो महीनों की तुलना में हवा ज्यादा प्रदूषित पाई जा रही है जबकि अक्तूबर में दशहरे के अलावा दिवाली का त्योहार भी पड़ा था। हालात यह हैं कि नवंबर में अब तक मंडी गोबिंदगढ़ व खन्ना का औसतन एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है।
वहीं पंजाब के अलावा चार शहरों अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और जालंधर का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया है। पीपीसीबी के अधिकारियों ने माना कि नवंबर में पराली जलाने के मामलों में वृद्धि आई है लेकिन फिर भी यह बीते दो सालों के मुकाबले कम हैं। अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न विभागों के तैनात स्टाफ की ओर से लगातार फील्ड में जाकर किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर सख्ती भी बरती जा रही है। उम्मीद है कि पराली जलाने के मामलों में जल्द कमी आएगी और प्रदूषण घटेगा।
सितंबर 2025 में पंजाब का औसतन एक्यूआई 64 दर्ज किया गया था और विभिन्न शहरों में अमृतसर का 58, लुधियाना का 60, मंडी गोबिंदगढ़ का 94, पटियाला का 49, जालंधर का 65 व खन्ना का 57 दर्ज किया था। वहीं अक्तूबर 2025 में पंजाब का औसतन एक्यूआई 122 दर्ज किया था जबकि अमृतसर का औसतन एक्यूआई 107, लुधियाना का 131, मंडी गोबिंदगढ़ का 141, पटियाला का 104, जालंधर का 131 और खन्ना का 119 दर्ज किया गया था। नवंबर महीने के 10 दिनों में ही पंजाब का औसतन एक्यूआई 185 दर्ज किया गया है। यह बीते दो महीनों के मुकाबले ज्यादा है। पंजाब के किसी भी शहर का औसतन एक्यूआई सितंबर व अक्तूबर में खराब श्रेणी में दर्ज नहीं हुआ लेकिन नवंबर में मंडी गोबिंदगढ़ व खन्ना का एक्यूआई 215-215 दर्ज किया गया है जो खराब श्रेणी में है। बाकी शहरों का एक्यूआई भी बीते दो महीनों के मुकाबले ज्यादा रहा है। इनमें अमृतसर का 140, लुधियाना का 178, पटियाला का 183 और जालंधर का एक्यूआई 179 दर्ज किया गया है।
10 दिनों में ही पराली जलाने के 2553 मामले
पराली जलाने के आंकड़े देखें, तो पंजाब में 15 सितंबर से पराली जलाने के माॅनीटरिंग शुरू होने के बाद 30 सितंबर तक कुल 95 मामले सामने आए। पूरे अक्तूबर महीने में पंजाब में पराली जलाने के 1601 मामले सामने आए जबकि नवंबर महीने के इन 10 दिनों में पराली जलाने के कुल 2553 मामले सामने आ चुके हैं। पंजाब में चालू माह में 9 नवंबर को सबसे ज्यादा 440 मामले सामने आए थे। पंजाब में पराली जलाने के सोमवार को 133 नए मामले सामने आए, जिससे कुल गिनती बढ़कर अब 4195 पहुंच गई है। बाकी दिनों में 1 नवंबर को पराली जलाने के 442 मामले, 2 को 178, तीन को 256, चार को 321, पांच को 94, छह को 351, सात को 100, आठ को 238 मामले सामने आए थे। पंजाब में इस बार 31.72 लाख हैक्टेयर रकबे पर धान की फसल की बुवाई हुई थी। इसमें से 9 नवंबर तक 96.20 फीसदी रकबे पर धान की फसल की कटाई हो चुकी है। पीपीसीबी अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में पंजाब में पराली जलाने के मामलों में कमी की संभावना है।