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पंजाबी रंगमंच की पहली महिला अदाकारा उमा गुरबख्श सिंह का निधन, लंबे समय से थीं बीमार

Sat, 23 May 2020 08:52 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर
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उमा गुरबख्श सिंह - फोटो : अमर उजाला
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पंजाबी रंगमंच की पहली महिला अदाकार उमा गुरबख्श सिंह (93) का शनिवार सुबह सीमावर्ती कस्बे लोपोके के पास स्थित प्रीत नगर में अपने आवास में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रही थीं।  

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उमा प्रसिद्ध उपन्यासकार गुरबख्श सिंह प्रीतलड़ी की बेटी थीं। शनिवार दोपहर बाद प्रीतलड़ी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार सिख धार्मिक मर्यादाओं के अनुसार किया गया। इस बात की जानकारी उनके छोटे भाई हिरदय पाल सिंह ने दी है। वहीं उनके निधन से पंजाब रंगमंच के साथ जुड़े कलाकारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

उमा गुरबख्श सिंह ने अपने पिता से प्रेरणा लेकर 1939 में पंजाबी थियेटर में हिस्सा लिया था। उन दिनों लड़कियों को थियेटर में काम करने की सख्त मनाही थी। जब वह मात्र 13 वर्ष की थी तब उन्होंने अपने पिता के लिखे नाटक राजकुमारी लतिका में राजकुमारी की भूमिका निभाई थी। 
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देश की आजादी की लड़ाई में भी उमा गुरबख्श सिंह ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। वह अपने साथी कलाकारों के साथ नुक्कड़ नाटक कर ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध लोगों को लामबंद करती थीं।

1944 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ किए एक नाटक 'हुल्ले हुलारे' का मंचन करने के लिए सात अन्य महिला कलाकारों के साथ उमा गुरबख्श सिंह को जेल में डाल दिया गया था। उमा गुरबख्श सिंह के छोटे भाई और गुरबख्श सिंह नानक सिंह फाउंडेशन के महासचिव हिरदय सिंह ने बताया कि उनके निधन से पंजाबी रंगमंच में सन्नाटा छा गया है।

बता दें कि उमा गुरबख्श सिंह के पिता ने लोपोके से दो किलोमीटर की दूरी पर देश की आजादी से पहले एक आधुनिक गांव प्रीतलड़ी की स्थापना की थी। प्रीतलड़ी में उस समय के बड़े बॉलीवुड स्टार बलराज साहनी, अचला सचदेव सहित पंजाबी के महान लेखक नानक सिंह ने बड़ी-बड़ी कोठियों का निर्माण किया था। इन्हीं कलाकारों के बीच रहकर उमा गुरबख्श ने रंगमंच में काम करने की प्रेरणा ली थी।

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उमा गुरबख्श सिंह के निधन पर पीयू ने जताया शोक

उमा गुरबख्श सिंह के निधन पर पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से गहरा शोक जताया गया है। वीसी डॉ. बीएस घुम्मन ने अपने शोक संदेश में कहा है कि पंजाबी रंगमंच व कला की दुनिया में उमा गुरबख्श सिंह का एक बड़ा नाम था, जिस पर पंजाबी जगत को हमेशा ही मान रहेगा। 

वीसी ने बताया कि इसी साल फरवरी में जब अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस के मौके पर पंजाब सरकार की ओर से पीयू में विशेष प्रोग्राम कराया गया था, तो इस मौके पर सम्मानित शख्सियतों में उमा गुरबख्श सिंह का नाम भी शामिल था।

थियेटर व टेलीविजन विभाग के प्रमुख डॉ. जसपाल दियोल ने कहा कि उन्हें पंजाबी रंगमंच की पहली महिला अदाकारा होने का गौरव प्राप्त था। पंजाबी रंगमंच जगत को हमेशा उन पर गर्व रहेगा। युवक भलाई विभाग, कला फैकल्टी के साथ संबंधित टीचिंग विभागों के अलावा कला व रंगमंच के साथ जुड़ी सभी शख्सियतों की ओर से उनके निधन पर शोक जताया गया है।
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