सब जेल पठानकोट में शुक्रवार को डिप्टी सुपरिटेंडेंट सतनाम सिंह के दफ्तर में उनके सामने चर्चित अलगो कोठी कत्ल कांड के एक हवालाती बर्खास्त एएसआई गुलशनवीर सिंह ने अपनी बाजू और गर्दन की नस काटकर खुदकुशी की कोशिश की।
उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, जेल प्रशासन का कहना है कि चेकिंग के दौरान गुलशनवीर की बैरक से 2 मोबाइल और 3 सिम कार्ड बरामद होने पर बचाव में उसने खुदकुशी का प्रयास किया है।
गुलशनवीर सिंह ने कहा कि उसने मानसिक दबाव में खुदकुशी का कदम उठाया है। उसने आरोप लगाया कि नशे कई बड़ी खेप पकड़ने के बावजूद अधिकारियों ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए एक सियासी नेता के दबाव में इनाम देने की बजाए उसे बलि का बकरा बनाकर कत्ल का झूठा केस बनाया है।
उसने बताया कि 9 मई 2014 को अमृतसर के सीआईए स्टाफ ने एक कैदी गांव अलगो कोठी निवासी बिक्रमजीत सिंह के गुरु नानक देव अस्पताल से अचानक गायब होने के मामले में पूछताछ को बुलाया था। बाद में बिक्रमजीत सिंह लाश मिली। उसे जुर्म कुबूल कराने को लेकर छह दिन तक पुलिस ने विभिन्न थानों में रखकर प्रताड़ित किया। उसने आरोप लगाया कि पंजाब के एक पावरफुल अकाली नेता के दबाव में उसे कत्ल के झूठे मामले में फंसाया गया है।
उसने आरोप लगाया कि अधिकारियों अपने बचाने के लिए उसकी सेवाओं को समाप्त कर दिया, जबकि केस अभी अदालत में विचाराधीन है और उसका कोई फैसला तक नहीं हुआ। बर्खास्त किए जाने से उसके परिवार के आर्थिक हालात कमजोर हो गए हैं और रोटी के लाले पड़ गए। उसने बताया कि बच्चों की फीस तक नहीं दी जा सकी है।
दूसरी तरफ सब जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सतनाम सिंह ने बताया कि कल खोजी कुत्ते व जेल मुलाजिमों के साथ जेल की चेकिंग करने पर गुलशनवीर की बैरक से खाना गर्म रखने वाले हाट केस से 2 मोबाइल और 3 सिम कार्ड बरामद किे गए थे। इसके बारे में कार्रवाई के लिए थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस को लिखा गया था।
इस बात को लेकर सुबह गुलशनवीर उनके कमरे में मिलने के लिए पहुंच गया और उसने अपनी बाजू की नस काट ली और फिर गले दी नस काटने लगा तो उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के प्रयास के मामले के संबंध में कार्रवाई के लिए भी पुलिस को लिखा जा रहा है।