सूचना मिलते ही एसपी एच रतन सिंह बराड़ भारी पुलिस फोर्स के साथ सिविल अस्पताल पहुंचे और देखते ही देखते सिविल अस्पताल पुलिस छावनी में तबदील हो गया। वहीं दूसरी ओर गुस्साए परिजनों ने जत्थेबंदियों के साथ मिलकर सिविल अस्पताल में धरना लगा दिया। कुछ समय रोष प्रदर्शन करने के बाद परिवार जत्थेबंदियो के साथ एसएसपी दफ्तर चला गया।
वहां जाकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार लक्ष्य कुमार को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने अपनी मांगें लिखी हुई थी। देर रात तक पीड़ित परिवार एसएसपी कार्यालय के सामने धरने पर बैठा था। वहीं उनके समर्थन में पूर्व कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह भी मौके पर पहुंच चुके थे।
हमला करने वालों पर होगी कार्रवाई
एसपी, एच रतन सिंह बराड़ का कहना है कि विधायक की गाड़ी पर हमला करने का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर देखा है। जैसे ही विधायक पुलिस को हमलावरों के खिलाफ लिखित शिकायत देते हैं तो पुलिस द्वारा तुरंत इस मामले में बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा करन के हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम छापेमारी कर रही है। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
विधायक सुखजीत सिंह पर हाल ही में जमीन कब्जाने का भी आरोप लगा है। धर्मकोट निवासी जसवीर सिंह ने आरोप लगाया है कि दशकों पहले उसके नाम हो चुकी जमीन पर विधायक कब्जा करना चाहता है। इसी मंशा से विधायक द्वारा भेजे गए कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य में विघ्न डाला और सामान भी तोड़ा।
जसवीर सिंह का दावा है कि उसके पास जमीन की रजिस्ट्री के पुख्ता दस्तावेज भी मौजूद हैं। दूसरी ओर विधायक लोहगढ़ का कहना है कि जमीन उनके रिश्तेदारों की है जिसकी पॉवर ऑफ अटार्नी उनके पास है। इस बात के उनके पास पुख्ता दस्तावेज भी हैं। मामले में अभी विधायक जमीन कब्जाने जैसे गंभीर आरोपों से बाहर नहीं निकल पाए थे कि सोमवार को सिविल अस्पताल में हुई इस घटना ने उनके लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
मेरे बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया। मुझ पर जानलेवा हमला राजनीतिक रंजिश के चलते शरारती तत्वों द्वारा किया गया। राजनीतिक आकाओं के इशारे पर पीड़ित परिवार को गुमराह किया गया। मैं अब भी पीड़ित परिवार के साथ हूं। - सुखजीत सिंह काका लोहगढ़, विधायक, धर्मकोट