उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने कहा कि बेमौसम हुई बरसात से प्रभावित किसानों को सरकार मुआवजा देगी। सीमांत जिलों अमृतसर के अलावा तरनतारन, पठानकोट, गुरदासपुर सहित अन्य जिलों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का पता लगाने के लिए विशेष गिरदावरी करवाई जाएगी और रिपॉर्ट के मुताबिक किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। सोनी ने रविवार को अमृतसर के मूलेचक्क गांव में विकास कामों के लिए 10 लाख रुपये का चेक देने के बाद मीडिया के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही।
उन्होंने कहा कि बीते कल कई जिलों में ओलावृष्टि से खेतों में सफेद चादर नजर आने लगी है। खेतों में पानी भर गया और फसल भी बारिश से खराब हो गई। बारिश के चलते किसानों के हुए नुकसान का आंकड़ा जुटाने के लिए विशेष गिरदावरी करवाने की हिदायतें सरकार ने जारी करते हुए अधिकारियों को जल्द से जल्द रिपॉर्ट देने को कहा है। जिससे बारिश से पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि दी जाए।
सोनी ने गांव मूलेचक्क में आयोजित समागम के दौरान कहा कि इस गांव में 85 फीसदी से ज्यादा विकास काम पूरा हो चुका है। गांव के विकास के बचे कामों को अगले माह तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने गांव की पंचायत को विकास कामों के लिए 10 लाख रुपये और देने का वादा किया। सोनी ने कहा कि गांव में डिस्पेंसरी बनाई जाएगी और गांव के स्कूल को अपग्रेड किया जाएगा। पंचायत ने उपमुख्यमंत्री को सम्मानित किया।
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इससे पहले उन्होंने रियालटो चौक स्थित चर्च में पहुंचे सरबत के भले के लिए 2.5 लाख रुपये का चेक भेंट किया। बॉर्डर इलाका में स्कूल खोल कर लोगों को कम रेटों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करवाए जाने की बात उन्होंने कही। चर्च के बिशप प्रदीप कुमार समंता ने सोनी की लंबी आयु की प्रार्थना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर एसडीएम डा. दीपक भाटिया, पार्षद विकास सोनी, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य डा. सुभाष थोबा, डेनियल बी दास और एसपी हरदीप सिंह उपस्थित थे।
खराब हुई फसल का सौ फीसदी मुआवजा दे चन्नी सरकार : आप
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के किसान विंग के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक कुलतार सिंह संधवां ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार ने किसानों से किए वादे कभी पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार की तरह चन्नी सरकार ने न तो किसानों का कर्ज माफ किया और न ही बेमौसमी बरसात व अन्य कारणों से बर्बाद फसलों का मुआवजा दिया है। संधवां ने चन्नी सरकार से मांग की है कि किसानों को खराब फसलों का सौ फीसदी मुआवजा दिया जाए।
पार्टी मुख्यालय से रविवार को जारी बयान में विधायक संधवां ने कहा कि पिछले सीजन में बारदाने की कमी के कारण किसान परेशान थे और अब धान में ज्यादा नमी के नाम पर किसानों की फसल नहीं खरीदी जा रही। उन्होंने कहा कि कृषि प्रकृति पर निर्भर रही है। धान की फसल में लगातार बरसात के कारण नमी की मात्रा बढ़ रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों से बदला लेने के लिए न्यूनतम नमी वाला धान खरीदने की शर्त लगा रही है। उन्होंने कहा कि अमृतसर और तरनतारन समेत पंजाब के कुछ जिलों में ओलावृष्टि के कारण और मालवा क्षेत्र में गुलाबी सुंडी के हमले के कारण बर्बाद हुई फसलों का जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। साथ ही धान की नमी की मात्रा में छूट दी जाए, ताकि किसानों को मंडियों में परेशान न होना पड़े।