दाखा विधानसभा सीट पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के खासमखास मनप्रीत सिंह अयाली ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू को मात दे दी। अयाली ने दाखा से 14687 वोटों से जीत दर्ज की। अयाली को 66297 वोट पड़े, जबकि कैप्टन संदीप संधू को 51625 वोट हासिल हुए।
मुख्य मुकाबले में कांग्रेस और अकाली दल ही रहे, जबकि 2019 लोकसभा चुनाव में दाखा विधानसभा से सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले सिमरजीत सिंह बैंस की पार्टी लिप के उम्मीदवार और 2017 में दाखा से विधानसभा सीट जीतने वाली आप पार्टी के उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। लिप के उम्मीदवार सुखदेव सिंह चक्क को 8441 वोट ही हासिल हुए।
आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमनदीप सिंह मोही को मात्र 2804 वोट मिले। पहले राउंड से लीड पर चल रहे अकाली प्रत्याशी मनप्रीत अयाली अंतिम राउंड तक लीड में रहे और जीत हासिल कर गए। अयाली की जीत की सूचना मिलने पर दाखा के लोग गुरुसर सुधार स्थित कॉलेज के बाहर पहुंच गए और सड़क पर ढोल की थाप पर जश्न मनाने लगे। सरकार के खिलाफ उपचुनाव जीतने की सूचना मिलने पर पूर्व मंत्री और दाखा इंचार्ज बिक्रम सिंह मजीठिया भी गुरुसर सुधार पहुंच गए।
कांग्रेस प्रत्याशी रमिंदर आंवला ने 16,633 वोटों से जीत हासिल कर पिछले बारह सालों से शिअद (ब) के कब्जे को ध्वस्त किया है। आंवला को 76098 वोटें और अकाली दल के प्रत्याशी राज सिंह डिब्बीपुरा को 59465 वोटें पड़ी हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी महिंदर सिंह कचूरा को 11301 वोटें, आजाद प्रत्याशी जगदीप कंबोज गोल्डी (कांग्रेस के बागी) 5836 वोटें, आजाद उम्मीदवार जोगिंदर सिंह 238 वोटें, जोगिंदर सिंह को 209 वोटें व राज सिंह को 515 वोटें पड़ी हैं। जबकि 701 वोटरों ने नोटा का बटन दबाया है।
उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार पूर्व आईएएस अधिकारी बलविंदर सिंह धालीवाल ने भाजपा का किला ध्वस्त कर दिया। धालीवाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिअद-भाजपा प्रत्याशी व एससी एसटी कमीशन के पूर्व चेयरमैन राजेश बाघा को 26106 मतों से मात दी। गुरु नानक कॉलेज सुखचैनआणा साहिब में प्रशासन ने गिनती केंद्र बनाया था।
16 राउंड के बाद जैसे ही जीत की घोषणा हुई, धालीवाल को वर्करों ने हारों से लाद दिया। धालीवाल ने पहले ही राउंड से जो बढ़त हासिल की, वह लगातार जारी रही। फगवाड़ा में धालीवाल व बाघा के अलावा बसपा के भगवान दास सिद्धू, आप के संतोष गोगी, लिप के जरनैल नंगल समेत सात उम्मीदवार मैदान में थे। हालांकि 55.97 फीसदी मतदान को कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा था लेकिन धालीवाल इस परीक्षा में कामयाब रहे।
मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा और पूर्व कैबनिट मंत्री जोगिंदर सिंह मान ने धालीवाल को बधाई दी। धालीवाल ने कहा कि बेशक ढाई साल का कार्यकाल मिला लेकिन वह पांच साल जितना विकास करवा कर लोगों का विश्वास बहाल रखेंगे। देर शाम शहर में विजय यात्रा निकाली गई। लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर धालीवाल का स्वागत किया व बधाई दी। फगवाड़ा ब्लाक कांग्रेस शहरी संजीब बुग्गा व देहाती अध्यक्ष दलजीत सिंह राजू ने धालीवाल की जीत पर बधाई दी।
शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने कहा है कि कांग्रेस ने दाखा की हार का गुस्सा डॉ. दलजीत चीमा पर निकाला है। हार के बाद उनकी सुरक्षा वापस ले ली है। दाखा का नतीजा आते ही सरकार ने डॉ. चीमा को मिले सात पुलिसकर्मियों में से पांच वापस बुला लिए। डॉ. चीमा शिअद के दाखा हलका इंचार्ज थे। सुखबीर ने कहा कि सीएम जानबूझ कर अपने विरोधी की जिंदगी को खतरे में डालना चाहते हैं। इस सियासी बदलाखोरी की राजनीति का खामियाजा दूसरे अकाली नेताओं को भी उठाना पड़ सकता है। लेकिन अकाली योद्धा कांग्रेस की ऐसे हरकतों का पहले भी सामना कर चुके हैं। शिअद या डॉ. चीमा ने कभी भी सुरक्षा की मांग नहीं की थी। खुफिया रिपोर्ट्स के आधार पर उन्हें सुरक्षा दी गई थी।