मुख्य संसदीय सचिव डा. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि अमृतसर में विकास के नाम पर धड़ाधड़ हो रही वृक्षों की कटाई एक सुनियोजित स्वार्थ के तहत हो रही है।
पर्यावरण की रक्षा के प्रतीक बहुत पुराने पेड़ों को नगर निगम के एक अधिकारी ने हाउस की स्वीकृति के बिना ही कटा दिया है। यह नियमों के विरुद्ध है। बेचे गए वृक्षों से कितनी राशि इकट्ठा हुई उसका भी कोई हिसाब नहीं दिया जा रहा है। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने चाहिए।
डा नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि उनके पति नवजोत सिद्धू जब सांसद थे तो उन्होंने शहर को हरा-भरा रखने के लिए ग्रो ग्रीन प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसके लिए एक करोड़ 32 लाख रुपये अपने निजी खाते से दिए थे। उस राशि से वृक्ष कहां लगे हैं इस संबंधी नगर निगम कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं करवा रहा है।
उस प्रोजेक्ट के तहत लगे वृक्षों को अगर काटा गया है तो उससे कितना पैसा इकट्ठा हुआ और किस अकाउंट में गया है, इसका भी नगर निगम से हिसाब लिया जाएगा। अगर इस में हेराफेरी सामने आई तो पैसे वापस लिए जाएंगे।
डा. नवजोत ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल को पत्र भी लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि वन विभाग के मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस मामले की जांच करवाएंगे।