पिछले कुछ समय से सूबे में महिलाओं के ऊपर तेजाब डालने की घटनाओं के बावजूद सरकार और प्रशासन गंभीर नहीं हुआ है। महिलाओं पर तेजाब डालने की घटनाओं से दहशत का माहौल है। सरकार की ढुलमुल नीतियों के कारण बाजार में आसानी से तेजाब उपलब्ध है।
अमृतसर में सोने के जेवरात बनाने वाले कारीगरी की एक बड़ी मार्केट है। यही कारण है कि अमृतसर में जेवरात बनाने के लिए तेजाब का उपयोग बहुत होता है। इस कारण आसानी से कोई भी व्यक्ति खुले में तेजाब खरीद सकता है। हालांकि प्रशासन ने अधिक मात्रा में बिना किसी पहचान से तेजाब के खरीदार को तेजाब बेचने की मनाही के आदेश दिए हैं। बावजूद इसके सरकारी आदेशों को खुलेआम ठेंगा दिखाकर तेजाब महंगे दामों पर बिक रहा है।
रामू नाम के एक गुरु बाजार में जेवरात बनाने वाले कारीगर का कहना है कि आसानी से होल सेल और रिटेल विक्रेता से किसी भी किस्म का तेजाब हासिल कर सकते हैं। इसके लिए सिर्फ अधिक कीमत देनी पड़ेगी। हालांकि किसी युवा व्यक्ति को तेजाब देने से दुकानदार कतराते जरूर हैं, लेकिन दे देते हैं। इसके लिए पहचान का प्रूफ भी नहीं लिया जा रहा है।
अमृतसर में शौचालय को साफ करने के लिए उपयोग होने वाला तेजाब तो खुलेआम जनरल स्टोरों पर भी आसानी से उपलब्ध है। यह तेजाब चाहे कम शक्ति वाला होता है। फिर भी किसी के ऊपर फेंकने पर यह भी पूरा असर करता है। आम तौर पर इस तेजाब की एक लीटर की बोतल 12 रुपये में बिकती है। कुछ समय से तेजाब की चर्चा समाचार पत्रों में आने के कारण इसका रेट भी दुकानदारों मे बढ़ा कर 20 रुपये प्रति बोतल कर दिया है।
जनरल स्टोर चलाने वाले दीपक कुमार ने बताया कि शौचालयों में उपयोग होने वाला तेजाब तो आप को हर जगह ही मिल जाएगा। इसके लिए कोई आईडी नहीं लिया जाता। होल सेल वाले आईडी जरूर लेते हैं। अगर रिटेलर से भी कोई पांच या इससे अधिक बोलते खरीदता है तो उससे पहचान पत्र की फोटो कापी जरूरत ली जाती है।
अमृतसर के डीसी रवि भगत ने कहा कि तेजाब की बिक्री बिना पहचान पत्र लिए पूरी तरह बंद की हुई है। सिर्फ औद्योगिक काम के लिए ही तेजाब की सेल की स्वीकृति है वह भी पहचान जमा करवा कर। बिना पहचान के तेजाब बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।