गुरदासपुर में काले चोले पहन कर प्रदर्शन करते टेक्निकल सर्विस यूनियन के सदस्य।
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टेक्निकल सर्विस यूनियन सर्कल गुरदासपुर के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों ने शुक्रवार को काले चोले पहनकर पावरकाम कार्यालय समक्ष धरना दिया।
इससे पहले कर्मचारियों ने शहर में रोष मार्च किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और पावरकाम मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की। अगुवाई कर रहे यूनियन के सर्कल प्रधान जगतार सिंह खुंडा ने कहा कि बिजली बोर्ड को बचाने के लिए टीएसयू की ओर से वर्ष 2007 में संघर्ष किया गया था। इस पर प्रशासन ने पटियाला सर्कल के सात नेताओं को डिसमिस कर दिया था।
यूनियन के लंबे संघर्ष के बाद सरकार व पावरकाम को डिसमिस किए गए सात नेताओं को बहाल करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। खुंडा ने कहा कि बदला लेने की भावना से उक्त नेताओं पर पुलिस केस दर्ज किया गया था। पुलिस केस वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सचिव ने 24 जनवरी 2013 को चेयरमैन पावरकाम की मौजूद में हर तरह की विकटेमाइजेशन का हल करने के लिए संगठन को भरोसा दिलाया था। इसी तरह 11 अक्तूबर 2013 को पावरकाम की मैनेजमेंट की ओर से संगठन की बैठक समय अदालती केस वापस लेने का समझौता हुआ था।
इस पर डीसी पटियाला को पत्र लिखकर खानापूरी की गई और वह पत्र कोर्ट तक नहीं पहुंचाया गया। सरकार की इस वादाखिलाफी के कारण टीएसयू के सात नेता जेल में बंद है। वक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि जेल में बंद नेताओं की रिहाई की जाए और उन पर दर्ज किए गए कोर्ट केस वापस लेकर समझौतों को लागू किया जाए। साथ ही डिसमिस जेई बनारसी दास, राम सिंह को बहाल किया जाए इसके अलावा कई अन्य मांगें उठाईं। उन्होंने सरकार व मैनेजमेंट को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मामले हल न हुए तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।