पठानकोट में डीसी कार्यालय के बाहर रोष व्यक्त करते मृतक के परिजन व कांग्रेसी नेता।
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कातिलों की गिरफ्तारी के लिए सोमवार को यूथ कांग्रेसी नेता कार्तिक वडैहरा की अगुवाई में मृतक मनोहर लाल के परिजनों व कई कांग्रेस नेताओं ने डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
बाद में डीसी को मांगपत्र सौंपकर न्याय की गुहार की गई। डीसी ने मामले की जांच एडीसी केएस राज को सौंपी है। कांग्रेस के पूर्व विधायक अशोक शर्मा, अनिल दारा, रोहित सरना, अनिल विज, योगेश पाल शर्मा, कपिल शर्मा की मौजूदगी में मृतक मनोहर लाल के भाई मोहनलाल ने बताया उसका भाई मनोहर लाल गूडाकलां के शराब के ठेके पर काम करता था। बीती 29 मार्च को रात को मेरे मोबाइल पर काल की आई की किसी ने मनोहर लाल का कत्ल कर दिया है। इस पर हम वहां पहुंचे तो मनोहरलाल खून में लथपथ मिला। इस पर ठेके के मालिक प्रदीप को फोन किया तो उसने कहा कि मैं कुछ नहीं जानता।
इलाज के दौरान मनोहर लाल ने बताया कि हमलाकर वालों में से तीन लोगों के नाम भी बताए। इसके बाद 31 मार्च को मनोहर लाल की मौत हो गई।
पुलिस को दी गई शिकायत में कातिलों के नाम भी बताए गए। पुलिस ने पहले धारा 324, 452, 34 के तहत मामला दर्ज किया। बाद में मामला हत्या की धारा 302 में तरमीम कर अज्ञात लोगों को आरोपी बना दिया गया। मोहनलाल ने बताया इसे लेकर एसएसपी को दो बार शिकायत दे चुके हैं। एसएचओ व विधायक से भी मिल चुके हैं। मात्र आश्वासनों के अतिरिक्त अभी तक कुछ नहीं मिला है।
वहीं पूर्व विधायक अशोक शर्मा ने कहा कि यह दुखद घटना है। पुलिस प्रशासन को मामले में कार्रवाई करते हुए कातिलों को तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए। डीसी अमित शर्मा ने मृतक के परिजनों और कांग्रेसियों आश्वासन देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर ही कार्रवाई की जाएगी। एडीसी केएस राज को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।