नागरिक संशोधन बिल के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग विरोध प्रदर्शन के लिए हाल गेट स्थित जामा मस्जिद के बाहर एकत्रित हुए। कानून के विरोध में तख्तियां पकड़े हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।
जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुजम्मिल हुसैन कादरी ने कहा कि समानता के अधिकार के अनुसार सभी धर्मों के लोगों को भारतीय नागरिकता मिलनी चाहिए, जो इस देश में शरण लिया हुए हैं। इन नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।
उन्होंने कहा- इस कानून के माध्यम से मुस्लिमों को निशाना न बनाया जाए। मौलाना ने कहा कि पहले पूरी जांच करा ली जाए। अगर कोई उग्रवादी आतंकवादी या दोषी या भारत विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया जाता है तो कार्रवाई की जाए लेकिन किसी भी निर्दोष को इस कानून का सहारा लेकर शिकार न बनाया जाए।
उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह इस कानून को रद्द करें। देश का संविधान धर्म निरपेक्ष है। मोदी सरकार ने धर्म के आधार पर कानून बनाया है। पाकिस्तान की स्थापना के बावजूद भी मुस्लिमों ने हिंदुस्तान को अपना देश माना। इस अवसर पर आबास राजा, इमाम मौलाना हामिद हुसैन, अब्दुल नूर, जुनैद खान व अन्य मौजूद थे।