स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा के बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. राजबहादुर के साथ किए व्यवहार पर बवाल थम नहीं रहा। अमृतसर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजीव देवगन तथा गुरु नानक अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. केडी सिंह ने पत्र भेज राज्य के डायरेक्टर मेडिकल सेवाओं से अपने पदों की जिम्मेवारी से मुक्त करने की अपील की है। दोनों अधिकारियों के पास अपने-अपने वार्डों व विभागों के साथ-साथ प्रिंसिपल व मेडिकल सुपरिटेंडेंट के पदों का अतिरिक्त कार्यभार था।
दोनों अधिकारियों ने अपने पदों की जिम्मेवारी से मुक्त किए जाने के लिए भेजे पत्रों की वजह व्यक्तिगत बताई है लेकिन मेडिकल शिक्षा व चिकित्सा से जुड़े दो अधिकारियों द्वारा एक साथ इस्तीफा भेजे जाने के बाद यह चर्चा आम है कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुधारों के लिए डाले जा रहे दबाव व व्यवहार की वजह से दोनों खिन्न थे।
स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह इसी माह गुरुनानक देव अस्पताल आए थे। यहा सफाई व्यवस्था ठीक न होने की वजह से उन्होंने अस्पताल के प्रशासन को फटकार लगाई थी। इस बात से भी अधिकारी परेशान चले आ रहे थे।
डॉ. केडी सिंह के पास एमएस के साथ साथ माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर भी हैं। उन्होंने हवाला दिया है कि काम का अत्यधिक बोझ होने की वजह से उनको एमएस का कार्यभार संभालने में मुश्किल आ रही थी। उनके पास स्वाइन फ्लू वार्ड की भी जिम्मेवारी रही है। वहीं आज कल वह मंकी पॉक्स के लिए बनाए गए वार्ड के प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। दूसरी तरफ डॉ. राजीव देवगन के पास प्रिंसिपल पद के साथ कैंसर विभाग के प्रोफेसर की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने भी काम का अत्यधिक बोझ होने की बात कही है। शनिवार को डॉ. देवगन अपने कार्यालय में भी नहीं आए।
डॉ. केडी सिंह ने बाबा फरीद विश्वविद्यालय के वीसी के साथ सेहत मंत्री की ओर से अपनाए गए व्यवहार की भी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कई बार बहुत सारे कारणों की वहज से इंफ्रास्ट्रक्चर सही नहीं हो पाता। परंतु इस में वीसी को आरोपी बनाया जाना सही नहीं है।