अमृतसर में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि राज्य में आटा-दाल स्कीम के तहत गरीब परिवारों को अब एक रुपये किलो की दर से आटा दिया जाएगा। अब तक यह आटा 4 रुपये किलो के हिसाब से दिया जा रहा था।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इस योजना के अधीन परिवारों की संख्या 15 लाख के बढ़ाकर 30 लाख किए जाने की भी घोषणा की। योजना शुक्रवार से लागू कर दी गई है। बादल शुक्रवार को कस्बा राम तीर्थ में 115 करोड़ से बनने वाले श्री वाल्मीकि तीर्थ मंदिर की आधारशिला रखने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर गरीब आदमी को दो वक्त की रोटी देने के लिए आटा-दाल स्कीम का विस्तार करना महर्षि वाल्मीकि जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने लोगों से महर्षि द्वारा दिखाए मार्ग पर चलने की अपील की और कहा कि उनकी सरकार ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए यह समागम नहीं करवाया है, बल्कि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षा का प्रचार एवं प्रसार करने के लिए करवाया है। बादल ने कहा कि उनकी सरकार ने गरीबों के उत्थान के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।
कल्याणकारी योजनाएं शुरू किए जाने के बारे में बादल ने उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल द्वारा लिए गए फैसलों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लोगों के कल्याण के लिए आरंभ की गई योजनाएं सुखबीर के दिमाग की ही खोज हैं।
अकाली-भाजपा सरकार राज्य की विरासत, इतिहास और संस्कृति को संभालने के लिए बड़े प्रयास कर रही है। इसके तहत करतारपुर में जंग-ए-आजादी, अमृतसर में वार मेमोरियल, खुरलगढ़ (होशियारपुर) में भगत रविदास जी की यादगार और श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी की यादगार स्थापित की जा रही है।
बादल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी देश के ही नहीं बल्कि समस्त मानवता के पथ प्रदर्शक थे। रामायण के रचयिता वाल्मीकि जी विश्व के पहले कवि और संस्कृत के विद्वान थे। रामायण में दिया राम राज्य का संदेश आज हम सभी को अपनाने की जरूरत है।
दो साल में बनेगा वाल्मीकि तीर्थ
बादल ने घोषणा की कि ऐतिहासिक वाल्मीकि तीर्थ स्थल का निर्माण अगले दो माह में शुरू हो जाएगा।, जोकि दो वर्ष में पूरा होगा। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट का नक्शा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के भवन निर्माण कला विभाग ने तैयार किया है। नक्शे को स्वीकृति दी जा चुकी है।
फोरलेन होगी अमृतसर-राम तीर्थ सड़क
बादल ने कहा कि डॉ. हरगोबिंद खुराना स्कीम जिसके अंतर्गत मैट्रिक में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लेने वाले विद्यार्थियों को वार्षिक तीस हजार रुपये छात्रवृत्ति दिए जाते हैं, गरीब लोगों को ऊंचा उठाने के लिए सरकार का एक उद्यम है। बादल ने श्री वाल्मीकि जी तीर्थ पर नतमस्तक होने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की आवक को देखते हुए अमृतसर-राम तीर्थ सड़क को चार मार्गी करने का ऐलान भी किया।