दिलप्रीत जेल के अंदर से ही आईएसआई के संपर्क में था और उसे सूचनाएं भेज रहा था। अब जीआरपी उसे लुधियाना जेल से प्रोडक्शन वारंट पर अमृतसर लाने की तैयारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते हैं।
अमृतसर के मानांवाला रेलवे ट्रैक पर कैमरे लगाए जाने का मामला सात जुलाई को सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब जांच में साजिश के बड़े नेटवर्क की परतें खुल रही हैं।
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वंदे भारत, फ्रंटियर और पश्चिम एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनों के आईएसआई के निशाने पर होने की साजिश का खुलासा हुआ है। रेलवे ट्रैक पर कैमरे लगाकर ट्रेनों की गतिविधियों की फुटेज पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तक पहुंचाई जा रही थी। जांच में सामने आया है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले रेलवे ट्रैक पर धमाके की योजना बनाई गई थी।
सूत्रों के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपने सरगना दिलप्रीत सिंह का नाम बताया है। आरोप है कि दिलप्रीत जेल के अंदर से ही आईएसआई के संपर्क में था और उसे सूचनाएं भेज रहा था। अब जीआरपी उसे लुधियाना जेल से प्रोडक्शन वारंट पर अमृतसर लाने की तैयारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते हैं।
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जीआरपी थाना प्रभारी शाम सुंदर शर्मा ने बताया कि मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी का प्रोडक्शन वारंट हासिल कर लिया गया है और उसे जल्द अमृतसर लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ के बाद अन्य साथियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।