पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटकों के बाद भारत सरकार के आदेशों के तहत सोमवार को भी पाकिस्तानी नागरिकों को अटारी बॉर्डर के रास्ते वापस भेजा गया। हालांकि पाकिस्तान से भी भारतीय नागरिक वापस अपने देश लौटे। वहीं, पाकिस्तान लौटते समय लोगों के चेहरे पर एक अजीब सी बेचैनी दिखी और आंखों में मलाल दिखाई दिया कि अब शायद वह लोग कभी वापस भारत नहीं आ पाएंगे और ना ही अपनों से मिल पाएंगे। इसी के तहत पाकिस्तान वापस जाने के लिए बॉर्डर पर पहुंचीं 65 साल की महिला रुखसार बेगम बॉर्डर पर ही बैठ गई और काफी देर तक वापस भारत की सीमा को ही देखती रहीं। हालांकि उन्होंने मुंह से तो कुछ नहीं बोला, लेकिन उनकी आंखें बयां कर रहीं थी कि शायद अब अपने हमेशा के लिए छूट गए हों।
रुखसार 13 साल बाद माता-पिता सेे मिलने आई थी भारत
इसी तरह अटारी सीमा पर पहुंची पाकिस्तानी नागरिक रुखसार ने बताया कि वह 13 साल बाद अपने माता-पिता से मिलने आई थी। ढाई माह पहले वह भारत आई और अब वापस लौटना पड़ रहा है। पहले ही वह 13 साल के लंबे इंतजार के बाद अपने माता-पिता से मिल पाई थी। मगर अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शायद अब दोबारा कभी ना मिल पाऊंगी।