पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ मंगलवार को पठानकोट में इंडिया फार जस्टिस संस्था की ओर से रोष मार्च निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शहर की सड़कों पर घोड़े से कार खींची। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तेल की कीमतें घटाने के लिए उत्पाद शुल्क और वैट की दरें घटाने की मांग की।
संस्था के संयोजक शाम चड्ढा ने बताया कि पिछले एक माह में तेल की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने लोगों को अच्छे दिन लाने का वादा किया था वादे पूरे होते नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दालों के भाव आसमान छू रहे हैं जबकि प्रधानमंत्री ने सत्ता संभालने से पहले महंगाई को कंट्रोल करने का वादा किया था। वह लोगों को महंगाई की चक्की में पिसता छोड़कर खुद विदेश की सैर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के एक साल के कामकाज को देखकर देश के लोगों में मायूसी छा गई है। लोग अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों को और महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
खाने-पीने की चीजों के दाम पहले से ज्यादा बढ़ेंगे। इससे आम जनता का जीना मुश्किल होगा। उन्होंने मांग की कि पेट्रोल और डीजल पर लगाए उत्पाद शुल्क और वैट को घटाया जाए ताकि आम आदमी कुछ राहत महसूस कर सके। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वाल्मीकि चौक से रोष मार्च शुरू किया जो विभिन्न बाजारों से होकर गुजरा। इस मौके पर मधु सूदन, पवन कुमार, बलविंद्र कुमार, नानक चंद भी मौजूद थे।