कतर एयरवेज से 11 यात्री रविवार को स्पेन से श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। सेहत विभाग विभाग की ओर से उन्हें स्वामी विवेकानंद नशा छुड़ाओ व पुनर्वास केंद्र में दाखिल करने के बाद हंगामा मच गया। एयरपोर्ट में हुई थर्मल स्क्रीनिंग के बाद इन यात्रियों में कोरोना के कोई भी लक्षण नहीं पाए गए। सभी यात्री स्वस्थ हैं। इन यात्रियों ने उक्त केंद्र में जाने से इंकार कर दिया। जिला प्रशासन ने इन यात्रियों को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर पुलिस बल की मदद से इस केंद्र में दाखिल कर दिया। इन्हें लेने के लिए आए रिश्तेदारों ने सोमवार सुबह केंद्र के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
केंद्र में मेडिकल हिरासत में रखे इन यात्रियों का आरोप था कि जिस केंद्र में उन्हें दाखिल किया गया है वहां कोई सुविधा नहीं है। बाथरूम गंदे हैं। भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं है। यदि वह यहां रहे तो बीमार होने का डर है। रविवार रात को हवाई अड्डे पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने उनको न खाने को दिया, न ही उनके रहने के लिए कोई इंतजाम किए। उनकी जांच की गई है। कोरोना वायरस का कोई भी लक्षण उनके शरीर में नहीं है। ऐसे में उन्हें घर जाने की आज्ञा क्यों नहीं दी जा रही है। इन यात्रियों के परिजनों का कहना था कि जिला प्रशासन ने उन्हें मिलने नहीं दिया। सरकार उन्हें घर भेज कर निगरानी कर सकती है।
स्पेन से आए एक यात्री ने बताया कि कोरोना से स्पेन बहुत प्रभावित है। इसके बावजूद वहां इतनी दहशत नहीं है। सेहत विभाग ने उनके सभी टेस्ट कर लिए हैं। वह जल्दी घर लौटना चाहते हैं। जिला प्रशासन ने इन सभी यात्रियों को मास्क और दस्ताने पहना दिए हैं। यहां तैनात पुलिस व अन्य कर्मचारियों को भी मास्क व दस्ताने पहनने के आदेश जारी किए गए।
सरकार के आदेशों का किया जा रहा पालन
सिविल सर्जन डॉ. प्रभदीप कौर जौहल का कहना है कि इस केंद्र में एक होटल की तरह सुविधा दी जा रही है। कोई यात्री खाने में जो भी खाना चाहता है उसे वही उपलब्ध करवाया जा रहा है। केंद्र में नए बेड, चादर और गद्दे बिछाए गए हैं। सरकार के निर्देश का पालन करते हुए उन्हें इस केंद्र में दाखिल करवाया गया है। निर्धारित नियमों के अनुसार इनको इस केंद्र में रखा जाएगा। सरकार ने सात देशों से आने वाले यात्रियों को चार कैटेगरी में बांटा है। सरकारी मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजी रिपोर्ट के बाद इन यात्रियों को घर भेजने का निर्णय लिया जाएगा।