लुधियाना में आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद गुरदास दास गुप्ता कहा कि देश को संकट से निकालने के लिए ठोस नीतियां देने वाली सरकार की जरूरत है।
मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में सभी राजनीतिक दल एक समान हैं, ऐसे में मिस्र की तर्ज पर जनता देश में एक नई ताकत को जन्म देने को आतुर है। तीन दिसंबर को संसद का घेराव किया जाएगा। दास गुप्ता शनिवार को पंजाबी भवन में एटक की कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे।
संवाददाताओं से बातचीत में महासचिव ने कहा कि देश में महंगाई चरम पर है। इसके लिए प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और मोंटेक सिंह आहलूवालिया जिम्मेदार हैं। इनकी नीतियां बर्बादी की तरफ ले जा रही हैं।
हैरानी की बात है कि महंगाई के मुद्दे पर सरकार और उसके तमाम मंत्री चुप्पी साधे हैं। उन्होंने साफ किया कि आने वाले चुनावों में एक ही मुद्दा होगा, महंगाई। हालत यह है कि सरकार से खाद्य मुद्रास्फीति की दर नियंत्रित नहीं हो पा रही है और इसका खामियाजा मजदूर और गरीब आदमी भुगत रहे हैं।
यूपीए सरकार के खाद्य सुरक्षा बिल का उन्होंने समर्थन किया, लेकिन यह केवल दिखावा है, इससे फायदा नहीं होने वाला।
इन नीतियों के खिलाफ अब सरकार से सीधे टक्कर ली जाएगी। 12 दिसंबर को नई दिल्ली में तीन लाख से अधिक मजदूर संसद तक कूच करेंगे और संसद का घेराव किया जाएगा। इसमें पंजाब से 25 हजार मजदूर हिस्सा लेंगे। गुप्ता ने कहा कि इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए वे पंजाब के प्रमुख शहरों का दौरा कर रहे हैं।
चिकन एवं सैंडविच खाने वाले को क्या पता गरीबी का
लुधियाना। केेंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के बयान कि गरीब दो सब्जी से रोटी खा रहा है, इसलिए महंगाई बढ़ रही है, पर गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
गुप्ता ने कहा कि रोस्टेड चिकन एवं सैंडविच खाने वालों को क्या पता महंगाई क्या है और इसका गरीब पर क्या असर हो रहा है। उन्होंने कहा कि बेतुकी बातें करके केंद्रीय मंत्री जनता को भ्रम में नहीं डाल सकते।