पाकिस्तानी तस्कर आने वाले दिनों में नशे व हथियारों की बड़ी खेप भारत भेज सकते हैं। इसके लिए उन्होंने चीन निर्मित ड्रोन खरीदे हैं, जो कि 10 से 12 किलो का वजन उठाकर आसानी से भारत आ सकते हैं। ऐसा इनपुट भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को मिला है, जिसके बाद सरहद पर चौकसी बढ़ा गई है।
तस्करी की बड़ी खेप आने की सूचना के बाद बीएसएफ व सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह खेप 15 अगस्त से पहले भारत आने के इनपुट मिले हैं। इसके लिए आईएसआई पाकिस्तानी तस्करों की सहायता ले रही है। इसके साथ ही कनाडा, अमेरिका और जर्मनी में बैठे खालिस्तानी आतंकियों और गैंगस्टरों के भारतीय नेटवर्क की भी मदद ली जा सकती है।
इस इनपुट को ध्यान में रखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने बॉर्डर पर कंटीली तारों के पास सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं, बॉर्डर की ओर जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी को भी सख्त कर दिया है। पंजाब पुलिस और बीएसएफ के अधिकारियों को भी सीमांत गांवों की ग्रामीण डिफेंस कमेटियों के साथ मीटिंग करने की हिदायत दी गई है।
साइज में छोटे और ज्यादा वजन उठाने में सक्षम
पाकिस्तानी तस्करों की ओर से मंगवाए गए नए ड्रोन करीब 18 से 20 लाख रुपये की लागत के बताए जा रहे हैं। ये साइज में छोटे होने के साथ ही 10 से 12 किलो का वजन उठा सकते हैं। इतना ही नहीं इनकी खासियत है कि उड़ान के दौरान इनकी आवाज बहुत ही कम होती है, जिससे ये आसानी से पकड़ में नहीं आते। इनपुट है कि तस्करों ने चीन से करीब 30 ऐसे ड्रोन मंगवाए हैं। इनकी मदद से नशा व हथियार भारत में सप्लाई किए जा सकते हैं। हालांकि, सरहद पर बीएसएफ ने एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात कर रखा है। इसे और अपडेट किया जा रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर माहौल बिगाड़ने का प्रयास
गुप्तचर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आईएसआई स्वतंत्रता दिवस या त्योहारों के सीजन में पंजाब, जम्मू-कश्मीर व अन्य सीमांत राज्यों में हालात खराब कर सकता है। इसके तहत काफी मात्रा में नशीला पदार्थ व हथियार भारत में सप्लाई किए जाने की योजना बना रहा है। हाल ही के दिनों में भी बॉर्डर पर तस्करी की घटनाएं बढ़ीं हैं, जिन्हें रोकने में सुरक्षा एजेंसियां कामयाब रही हैं।