मां का इंतजार करती रही फातिमा
बुधवार को लाहौर से भारत आई 15 साल की फातिमा वीरवार को भी अटारी बार्डर पर अपनी मां के वापिस आने का इंतजार करती रही। फातिमा ने बताया कि वह अपनी बहन व मां के साथ भारत से लाहौर गई थी। दोनों देशों के लोगों को जब डिपोर्ट किया जाने लगा तो फातिमा व उसकी बहन को अटारी सीमा पर भेज दिया गया, लेकिन मां का वीजा समाप्त होने के कारण रोक लिया गया। अटारी सीमा पर फातिमा व उसकी बहन को रिसीव करने पहुंचे पिता की आंखें नम थीं। फातिमा ने बताया कि पापा के पास आकर अच्छा लग रहा है, पर मम्मा को छोड़कर आई हूं यह बहुत ही दुखदायी है। उसका निवेदन है कि सरकार उनकी मां को वापिस लाने के लिए प्रयास करे।
बच्चों सहित अटारी बार्डर पर बैठी रही रजिया
वहीं कराची से भारत बच्चों के साथ आई रजिया वीरवार को पूरा दिन वापिस जाने के इंतजार में बैठी रही। उसने बताया कि वह कुछ दिन पहले भारत अपने रिश्तेदार के पास आई थी। आज वह वापिस जाने के लिए बार्डर पर पहुंची तो उसे रोक दिया गया। वापिस न जा पाने के कारण बहुत ही दुख हो रहा है। इसलिए उनका निवेदन है कि जो लोग पाकिस्तान में रह गए है। उन्हें भी वापिस भेज दिया जाए।