अमृतसर में विस्फोट में एक की मौत।
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अजनाला के गांव कोटला काजियां में वॉलीबाल टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है। जीत का जश्न मनाते वक्त पोटैशियम से धमाका हो गया। धमाका रविवार की शाम हुआ। गंभीर रूप से जख्मी तीन बच्चों को अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां एक की मौत हो गई। हादसे का पता चलते ही टूर्नामेंट को बीच में ही रोक दिया गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
अजनाला थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के मुताबिक अजनाला के गांव कोटला काजियां में वॉलीबाल टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पंजाब के अलग-अलग जिलों से करीब 20 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। रविवार शाम को भी टीमों के बीच मुकाबला हो रहा था। इसमें कोटला काजियां गांव की टीम जीत गई।
गांव की टीम के जीतने पर बच्चे खुशी से झूम उठे। इस दौरान सुखजीत सिंह और जग मोहित सिंह ने गांव के ही एक लड़के से पोटैशियम लाने को कहा तो उसने लाकर दे दिया। वह पोटैशियम को बारीक कर जश्न में पटाखे चलाने वाले थे। इसके बाद वह गांव में ही एक घर पहुंचे और चट्ठू-बट्ठे में पोटैशियम बारीक पीसने लगे।
इस बीच ही जग मोहित उठकर अन्य मुकाबला देखने चला गया और उसका भाई संदीप वहां अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर टूर्नामेंट देखने पहुंचा। जैसे ही संदीप ने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की तो वहां एक बहुत बड़ा धमाका हो गया। इससे उसकी आंख जख्मी हो गई और वह जैसे ही धमाके वाली जगह पर पहुंचा तो उसने सुखजीत और तरुणप्रीत सिंह को वहां जख्मी देख टूर्नामेंट स्थल पर पहुंचा और गांववालों को इसकी सूचना दी।
गांव वाले टूर्नामेंट बीच में ही छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों घायलों को अमृतसर के अमनदीप अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां सुखजीत सिंह ने दम तोड़ दिया। संदीप को एक अन्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया। धमाके के बाद गांव में जीत की खुशियां मातम में बदल गईं। गांव में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही अजनाला थाना प्रभारी मुख्तियार सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जांच में पाया कि जिस बच्चे ने पोटैशियम लाकर दिया था वह भी नाबालिग था। पुलिस ने बताया कि इसमें एक के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद सुखजीत सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।