थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव डैणविंड में एक धार्मिक स्थान की जगह पर कब्जे को लेकर पनपे विवाद में सोमवार की रात एक बुजुर्ग की पीटकर हत्या कर दी गई। मृतकों के परिजनों ने थाना कोतवाली पुलिस पर संजीदगी न दिखाने का आरोप लगाते हुए सिविल अस्पताल के बाहर रोड जाम कर दिया। इसके बाद पुलिस ने एक ही परिवार के पांच सदस्यों समेत सात लोगों पर केस दर्ज किया।
थाना कोतवाली की पुलिस को दी शिकायत में रणजीत सिंह निवासी डैणविंड ने बताया कि उसका बड़ा भाई मनजीत सिंह गांव में ही एक धार्मिक जगह पर सेवादार है। धार्मिक स्थान के साथ ही उनका घर है। गांव का प्रीतम सिंह उस जगह पर कब्जा करना चाहता है। सोमवार की शाम चार बजे भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दोनों पक्षों को थाने बुलाया था।
रणजीत सिंह के मुताबिक देर रात दस बजे के करीब प्रीतम सिंह अपने पारिवारिक सदस्यों व अन्य लोगों के साथ घर आ पहुंचा और मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों की पिटाई से उसके 65 वर्षीय पिता बग्गा सिंह पकी मौत हो गई। रणजीत सिंह के अनुसार अगर समय रहते पुलिस ने ठोस कदम उठाया होता तो उसके पिता की जान नहीं जानी।
इसके बाद गुस्साए मृतक के परिजनों ने मंगलवार की सुबह पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते सिविल अस्पताल के बाहर सुल्तानपुर लोधी रोड जाम कर दिया। सूचना पाकर डीएसपी सब-डिवीजन दलजीत सिंह ढिल्लो, पीसीआर इंचार्ज इंस्पेक्टर जंगबहादुर शर्मा पुलिस बल के साथ पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना हटवाया।
इसके बाद थाना कोतवाली में प्रीतम सिंह, उसके बेटे गौरी, मनजीत सिंह, सरबजीत सिंह, बेटी कुलदीप कौर दो अन्य साथी कपूर चंद पुत्र मुंशी और सिमरनजीत कौर पत्नी कुलबीर चंद के अलावा चार-पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।
कांग्रेसियों ने एसएचओ पर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने एचएचओ कोतवाली रणजीत पर मामले में कार्रवाई न करने के आरोप लगाए। कांग्रेसियों ने बताया धार्मिक जगह पर कब्जे के मामले में सोमवार की शाम को वक्फ बोर्ड के कागज एसएचओ कोतवाली रणजीत सिंह को दिखाए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
कांग्रेस जिला उपप्रधान रोशन लाल सब्बरवाल, ब्लाक कांग्रेस प्रधान मनोज भसीन, सुरिंदर नाथ मड़िया, मनजीत सिंह निज्जर, पार्षद नरिंदर सिंह मनसू, दप सिंह, स्वर्ण सिंह भट्टी, करण महाजन, सुभाष भार्गव, तजिंदर भंडारी, गुरविंदर चौधरी, साहिल शर्मा ने एसएसपी से एचएचओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
उधर, एसएचओ ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विवाद की सूचना मिलते ही वह सोमवार की शाम चार बजे गांव गए थे और दोनों पक्षों को थाने बुलाया था। एक पक्ष काफी देर बाद आया और दोनों पक्षों को समझाकर भेज दिया था। देर रात को घटना के बारे में किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी। अब मामले की अगली कार्रवाई की जा रही है।