दुर्गियाना मंदिर में सर्च ऑपरेशन।
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अमृतसर में सोमवार देर रात अचानक सुरक्षा हलचल बढ़ गई, जब नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर श्री दुर्गियाना तीर्थ परिसर पर सर्च ऑपरेशन चलाया। यह पूरा ऑपरेशन बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने पूरी तरह गोपनीय रखा और सीमित अधिकारियों को ही इसकी जानकारी दी गई। दरअसल यह ऑपरेशन एक मॉक ड्रिल थी।
जानकारी अनुसार, मॉक ड्रिल का मकसद किसी भी संभावित आतंकी हमले, बंधक स्थिति, विस्फोटक खतरे या चरम सुरक्षा स्थिति का सामना करने की पुलिस और सुरक्षा बलों की क्षमता की जांच करना था। ड्रिल के दौरान खास तौर पर इन बिंदुओं पर आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम, एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन और कम्युनिकेशन, नाइट ऑपरेशन में उपकरणों का उपयोग, नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया आदि बिंदुओं पर फोकस रहा।
रातभर घूमी सुरक्षा गाड़ियां, बदला रूट
ड्रिल के दौरान तीर्थ परिसर तक जाने वाले कुछ रास्तों को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया गया। एनएसजी कमांडो नाइट विजन डिवाइसेज और आधुनिक हथियारों के साथ परिसर में दाखिल हुए। कई टीमें अलग-अलग दिशाओं से एक साथ अंदर गईं, जिससे वास्तविक स्थिति जैसा माहौल बनाया गया।
गोपनीय क्यों रखा गया ऑपरेशन?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से इस ड्रिल को बिना पूर्व घोषणा के आयोजित किया गया। हाल ही में मिली कुछ खुफिया सूचनाओं के मद्देनज़र पंजाब के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा समीक्षा बढ़ाई गई है, जिसके चलते यह अभ्यास बेहद जरूरी माना गया।
ड्रिल सफल; एजेंसियों ने जांची तैयारी
कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद अधिकारियों ने बताया कि एन एस जी और अन्य सुरक्षा इकाइयों ने निर्धारित समय में पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सुरक्षा बलों की संयुक्त तैयारी को संतोषजनक और तत्पर बताया गया है।