मार्च के दौरान कई युवाओं ने नशा छोड़ने और पाक-साफ बनने की कसम खाई - एडवोकेट धामी
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। मीरी पीरी खालसा मार्च गुरुद्वारा जन्म स्थान बाबा बुड्ढा साहिब जी कथूनंगल से श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर संपन्न हुआ। इस मार्च में खालसाई जहाजलाल के साथ लाखों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
समापन के अवसर पर जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज, जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और ग्रंथी ज्ञानी परविंदरपाल सिंह उपस्थित थे। पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, विधायक गनीव कौर और मेजर सिंह सोढ़ी भी मौजूद रहे। धार्मिक दीवान में रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन किया। ज्ञानी परविंदरपाल सिंह ने गुरु के इतिहास पर चर्चा की। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि संगत के समर्थन से मार्च का मकसद पूरा हुआ। उन्होंने बताया कि पंजाब के हजारों गांवों और शहरों में संगत से सीधा संपर्क हुआ।
मार्च के उद्देश्य और भविष्य की योजनाएं
मार्च का मुख्य संदेश संगत को श्री गुरु ग्रंथ साहिब, गुरमत विचारधारा और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता से जोड़ना था। युवाओं को नशे से बचाना, खेलों से जोड़ना और उन्हें काम करने के लिए प्रेरित करना भी इसका अहम हिस्सा था। बड़ी संख्या में युवाओं ने बाल रखने और नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि अगले चरण में शिरोमणि कमेटी गुरमत समागम और अमृत संचार का अभियान तेज करेगी।
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